महान निशानेबाज जसपाल राणा जी के निधन पर शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति ने व्यक्त किया गहरा शोक


देहरादून। शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति ने भारत के महान निशानेबाज, पद्मश्री एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित श्री जसपाल राणा जी के 49 वर्ष की अल्पायु में हुए असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ स्वामी एस चंद्रा ने कहा, “जसपाल राणा जी का निधन केवल उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने 1994 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक, कॉमनवेल्थ खेलों में 9 स्वर्ण सहित 15 पदक और अपने करियर में 600 से अधिक पदक जीतकर भारत का नाम विश्व में रोशन किया।”
डॉ चंद्रा ने आगे कहा कि खिलाड़ी से कोच बने राणा जी ने मनु भाकर, सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला जैसे युवाओं को तराशकर भारत को ओलंपिक पदक दिलाए। उनका योगदान भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों पर ले गया।
इस अवसर पर समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री आदित्य नैय्यर ने कहा कि राणा जी उत्तराखंड के गौरव थे। श्री आनन्द स्वरुप ने उनके समर्पण को युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। श्रीमती ज्योति जौहर ने कहा कि राणा जी ने सिद्ध किया कि पहाड़ का बेटा भी विश्व विजेता बन सकता है। सुश्री पूजा चंद्रा ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
समिति के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। समिति ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वह शोक संतप्त परिवार, उनके पिता श्री नारायण सिंह राणा जी तथा लाखों प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
डॉ स्वामी एस चंद्रा
संस्थापक अध्यक्ष
शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति
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