कुमाऊं विश्वविद्यालय की प्रो अनीता सिंह को मिला फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया का फार्मेसी शिक्षा रत्न 2026 पुरस्कार

भारत सरकार की नियामक संस्था फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा नई दिल्ली में आयोजित समारोह में कुमाऊं विश्वविद्यालय के तकनीकी संकायाध्यक्ष और फार्मेसी विभाग की प्राध्यापक प्रो अनीता सिंह को फार्मेसी शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र उनके सराहनीय योगदान के लिए वर्ष 2026 का फार्मेसी शिक्षा रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें नई दिल्ली में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में काउंसिल के अध्यक्ष डॉ मोंटू पटेल द्वारा फार्मेसी क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।
संपूर्ण भारत देश में भारत सरकार की फार्मेसी शिक्षा की नियंत्रक और नियामक संस्था फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा देश में फार्मेसी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने पर इस वर्ष से फार्मेसी शिक्षा रत्न रत्न पुरस्कार की शुरुआत की गई है इसी के तहत देशभर के फार्मेसी विशेषज्ञों को पुरस्कृत किया गया है।
प्रो अनीता सिंह ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से वर्ष 1986 में एम फार्म की डिग्री प्राप्त करने के बाद पीएचडी की डिग्री कुमाऊं विश्वविद्यालय से प्राप्त की। वर्ष 1999 से कुमाऊं विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में कार्यरत प्रो अनीता इस विभाग की विभागाध्यक्ष रह चुकी है और वर्तमान में तकनीकी संकाय की अध्यक्ष है। वर्ष 2025 में विश्व स्तर की 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची सूचीबद्ध प्रो अनीता सिंह कई प्रतिष्ठित संस्थानों की अकादमिक पाठ्य समिति, शोध समिति की सदस्य हैं वहीं कई प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं के संपादक मंडल की सदस्य हैं। प्रो अनीता के नाम 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र होने के साथ ही उनके द्वारा 15 पुस्तकें लिखी गई व संपादित की गई हैं। उन्हें पूर्व में फार्मेसी क्षेत्र की कई पुरस्कार प्राप्त हैं।
प्रो अनीता सिंह को इस महत्वपूर्ण पुरस्कार के मिलने पर फार्मेसी विभाग और विश्वविद्यालय में खुशी है और उन्हें कुलपति प्रो सतपाल बिष्ट, कुलसचिव प्रो रीतेश साह, परिसर निदेशक नैनीताल प्रो संजय पंत, भीमताल प्रो एल के सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो वीना पांडे, संयोजक एनआईआरएफ प्रो अर्चना नेगी साह, डॉ राजेश्वर कमल कांत, डॉ बामाप्रसाद दत्ता, डॉ लक्ष्मण रौतेला सहित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों ने बधाई दी है।













