डीएसबी परिसर में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, कुलपति प्रो. कर्नल दीवान एस. रावत ने किया ध्वजारोहण, प्राचीन भारत की गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेने का किया आह्वान

नैनीताल, 15 अगस्त 2026। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर, नैनीताल में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कर्नल दीवान एस. रावत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
ध्वजारोहण के उपरांत कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक बंधनों से मुक्ति का नाम नहीं है, बल्कि यह अपने देश, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का बोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि भारत का अतीत अत्यंत गौरवशाली रहा है और प्राचीन भारत ने ज्ञान, शिक्षा, विज्ञान, दर्शन, चिकित्सा, गणित, कला तथा संस्कृति के क्षेत्र में विश्व को दिशा प्रदान की।
उन्होंने तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में ऐसी ज्ञान-परंपरा रही है, जिसने देश-विदेश से विद्यार्थियों और विद्वानों को आकर्षित किया। यह हमारी गौरवशाली विरासत है। आज आवश्यकता है कि हम केवल अपने अतीत पर गर्व न करें, बल्कि उस गौरव, ज्ञान और सृजनशीलता की भावना को वर्तमान पीढ़ी में स्थापित करें और भविष्य के भारत के निर्माण में उसका उपयोग करें।
कुलपति ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि “हमारे युवाओं को अपने इतिहास और विरासत से प्रेरणा लेकर आधुनिक ज्ञान, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने होंगे। राष्ट्र निर्माण केवल सरकार या संस्थाओं का कार्य नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।” उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी, परिश्रम, संवेदनशीलता और राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए युवाओं को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि देश की समृद्ध विरासत और उपलब्धियों का भाव आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना तथा भारत को ज्ञान, नवाचार और मानवता के क्षेत्र में अग्रणी बनाना हम सभी का दायित्व है।
समारोह में नौसेना एनसीसी की छात्रा कैडेटों ने अपनी क्षमता और अनुशासन का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए कुलपति को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। छात्राओं की इस प्रस्तुति ने समारोह में विशेष आकर्षण पैदा किया और परिसर में नारी शक्ति एवं महिला सशक्तीकरण का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर छात्रावासों से आए विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों एवं कविताओं की प्रस्तुति देकर वातावरण को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को स्मरण करते हुए देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
समारोह में प्रो. संजय पंत, प्रो. एच.सी. बिष्ट, प्रो. लेफ्टिनेंट रीतेश साह, प्रो. महेंद्र राणा, प्रो. ज्योति जोशी, प्रो. एल.एस. लोधियाल, प्रो. एस.एस. बरगली, प्रो, गीता तिवारी, प्रो. नीलू , प्रो. लज्जा भट्ट तथा प्रो. हरिप्रिया सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।