रिहायशी इलाको में विस्फोटों से पालतू जानवरो के मरने व ग्रामीणों पर बने खतरे मामले में कोर्ट ने जिलाधिकारी से जांच कर कार्यवाही करने को कहा

नैनीताल:::::: उत्तराखंड हाईकोर्ट में अल्मोड़ा जिले के ग्राम नौला में जंगली जानवरों को मारने के लिए रिहायशी क्षेत्र में लगाए जा रहे विस्फोटों से हो रही पालतू जानवरों की मौत और ग्रामीणों पर मंडरा रहे खतरे पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने मामले को निस्तारित करते हुए जिलाधिकारी अल्मोड़ा से मामले की जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
आपकों बता दे अल्मोड़ा निवासी पूर्व प्रधान मुन्नी देवी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है बिना किसी पूर्व सूचना के अल्मोड़ा जिले में ग्राम नौला में रिहायशी क्षेत्रों में जंगली जानवरों को मारने के लिए विस्फोटक लगाए जा रहे है जिसकी चपेट में आने से उनके पालतु जानवरों की मौत होने के साथ ही ग्रामीणों पर खतरा मंडरा रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह से रिहायशी क्षेत्रों में विस्फोटक लगाना कानूनन अपराध है। याचिका में कहा गया है ग्रामीणों व उनके जानवरो की सुरक्षा के दृष्टिगत रिहायशी क्षेत्रों में विस्फोटक लगाने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

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