डॉ. मोहित रौतेला को यंग रिसर्चर अवार्ड से किया सम्मानित

नैनीताल l कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर में उत्तराखंड पॉलिटिकल साइंस एसोसिएशन (उपसा) और भारतीय राजनीति विज्ञान परिषद (इपसा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान डॉ. मोहित रौतेला को “यंग रिसर्चर अवार्ड” से सम्मानित किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य विषय “भारतीय परंपरागत चिंतन एवं ज्ञान: राजनीतिक पारिस्थितिकी से संभावनाएं” था। इसमें देशभर के प्रतिष्ठित विद्वानों ने भाग लिया। डॉ. मोहित रौतेला ने संगोष्ठी में अपना शोध-पत्र “प्रकृति में सामंजस्य: आध्यात्मिक दृष्टिकोण से संरक्षण पर पुनर्विचार” प्रस्तुत किया, जिसे व्यापक सराहना मिली।
सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि प्रो.डी. एस.रावत (कुलपति, कुमाऊँ विश्वविद्यालय), प्रो. मनोज दीक्षित (कुलपति, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, राजस्थान), प्रो.संजीव कुमार शर्मा (पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिहार), और इपसा के महासचिव प्रो.काशीनाथ जेना (कुलपति, स्पर्श विश्वविद्यालय, देहरादून) उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, प्रो.नीता बोरा शर्मा (निदेशक, डीएसबी परिसर), प्रो.आर.एस. भाकुनी (उप-निदेशक, उच्च शिक्षा, उत्तराखंड), प्रो.एम.एम. सेमवाल (अध्यक्ष, उपसा), प्रो.दिव्या उपाध्याय जोशी (निदेशक, यूजीसी-एमएमटीटीसी), और डॉ. रीतेश साह (सहायक निदेशक, यूजीसी-एमएमटीटीसी) जैसे प्रख्यात शिक्षाविदों ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। डॉ. मोहित रौतेला को यह पुरस्कार उनके शोध और अकादमिक उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया गया। उनकी इस उपलब्धि पर शिक्षाविदों और शोध समुदाय ने उन्हें बधाई दी और इसे युवा शोधकर्ताओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

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