पूर्णकालिक कुलसचिव नियुक्त करने की मांग

नैनिताल । उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में विगत समय से कुलसचिव के पद पर अस्पष्टता के संबंध में राज्य सरकार को स्थाई कुलसचिव देने हेतु ज्ञापन प्रेषित किया है साथ ही विश्वविद्यालय के कुलपति को भी इस बाबत व्यवस्था करने का अनुरोध किया है, ताकि विश्वविद्यालय का कार्य संचालन विधिवत हो सके।

ज्ञातव्य हो कि विगत लगभग 2 वर्ष पूर्व कुमाऊं विश्वविद्यालय में दून विश्वविद्यालय से स्थानांतरित होकर डॉ मंगल सिंह मंद्रवाल द्वारा कुलसचिव का पदभार ग्रहण किया गया था। व्यक्तिगत कारणों से विगत फरवरी माह में डॉ मंद्रवाल द्वारा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन राज्य सरकार को दिया गया था। राज्य सरकार के नियमानुसार 90 दिवस के भीतर निर्णय लेने के नियम के तहत कुछ दिवस पूर्व शासन द्वारा उनके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया है जिसके बाद डॉ मंद्रवाल ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है जिस पर माननीय न्यायालय में प्रक्रिया गतिमान है। वहीं डॉ मंद्रवाल के लगातार अवकाश में रहने व विगत 12 मई के उपरांत से डॉ मंद्रवाल के कुमाऊं विश्वविद्यालय में उपस्थित न होने के चलते विश्वविद्यालय में संशय की स्थिति है और कार्य लगातार बाधित हो रहा है। चूंकि कुमाऊं विश्वविद्यालय में कुलसचिव के पास ही परीक्षा नियंत्रक का भी दायित्व है जिसके चलते वर्तमान में चल रही परीक्षाओं के संचालन में नीतिगत निर्णयों और क्रियान्वयन में कर्मचारियों को भारी समस्या हो रही है। वहीं कुलसचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर कामचलाउ व्यवस्था से विश्वविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। इस स्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के मुख्य संरक्षक भूपाल सिंह करायत एवं अध्यक्ष डॉ लक्ष्मण सिंह रौतेला ने इस हेतु उत्तराखंड शासन उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पत्र प्रेषित करते हुए कुमाऊं विश्वविद्यालय में पूर्णकालिक कुलसचिव नियुक्त करने का अनुरोध किया है। पदाधिकारियों का कहना है कि जल्द ही विश्वविद्यालय की कुलपति को भी इस बाबत वार्ता करते हुए उनसे तत्काल पूर्णकालिक कुलसचिव नियुक्त करने का अनुरोध किया जाएगा।

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संगठन ने इस सम्बन्ध में भी चिंता व्यक्त कि है कि राज्य में कुलसचिव संवर्ग के अधिकांश अधिकारियों में देहरादून या उसके आसपास ही कार्यरत रहने की मनोदशा होना चिंतनीय है इसी के चलते राज्य के पर्वतीय क्षेत्र में स्थित विश्वविद्यालयों में कुलसचिवों के पदों पर नियमित नियुक्तियों की निरंतरता बाधित हो रही है जिसके चलते नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय और अल्मोड़ा स्थित सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में पूर्णकालिक कुलसचिव की उपलब्धता में निरंतरता नहीं है। इसे राज्य में उच्च शिक्षा की प्रगति में बाधक मानते हुए संगठन ने इस हेतु ठोस नीति बनाने की मांग की है और राज्य सरकार से कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में स्थाई कुलसचिव की जल्द नियुक्ति करने की मांग की है।

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