जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है

नैनीताल l उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशशुनसार उत्तराखण्ड राज्य के सभी जिलों में मोबाईल वैन के माध्यम से जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला देहरादून में भी 12 व 13 मार्च को मोबाईल वैन के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर विशेषकर दूर-दराज क्षेत्रों, स्लम एरिया, ग्रामीण इलाकों, विद्यालयों एवं बहुल आबादी वाले क्षेत्रों में ” आम व्यक्ति के लिये सुलभ न्याय” का प्रचार-प्रसार करते हुए आमजन को उनके विधिक अधिकारों तथा विभिन्न लाभदायक सरकारी योजनाओं के संबंध में जागरूक किया जायेगा। माननीय जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री प्रेग सिंह खिमाल जी के निर्देशानुसार आज दिनांक 12 मार्च 2026 को प्रातः 10:00 बजे मा० प्रथम, अपर जिला जज, श्री महेश चन्द्र कोशिवा और प्रभारी सचिव/सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग), देहरादून श्री सैयद गुफरान द्वारा हरी झंडी दिखाकर मोबाईल वैन को कार्यालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून से रवाना किया गया।
मोबाइल वैन द्वारा देहरादून, विकासनगर, डोईवाला एवं ऋषिकेश क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों, संस्थानों, नशा मुक्ति केन्द्रों, पंचायत घरों व कॉलेजों में पैनल अधिवक्तागण और पराविधिक कार्यकर्तागण के माध्यम से जागरूकता शिविर आयोजित किये जायेंगे तथा नालसा थीम सॉन्ग एक मुट्टी आसमान, नालसा हेल्पलॉइन नं० 15100, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्य एवं निःशुल्क सहायता के साथ सरल कानूनी ज्ञान माला पुस्तक का भी वितरण किया जायेगा। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं, नालसा योजनाओं के साथ-साथ विधवा पेंशन, परित्यक्ता विवाहित महिला पेंशन, निराश्रित अविवाहित महिला पेंशन, मानसिक रूप से विकृत्त/विक्षिप्त व्यक्तियों हेतु पेंशन, निःशुल्क विधिक सहायता के आवेदन भरवाये जायेंगे तथा विभिन्न विधिक विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की जायेगी।
अतः जिला देहरादून के सभी क्षेत्रवासियों से अपील है कि वे अपने स्थानों पर मोबाईल वैन द्वारा आयोजित जागरूकता शिविरों से लाभ लें। इस मोबाईल वैन द्वारा मीडियेशन फॉर द नेशन 2.0 तथा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांकित 14.03.2026 के सम्बंध में भी विस्तार से समस्त स्थानीय जनता को जागरूक किया जायेगा। विदित है कि वर्तमान में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन पर मीडियेशन फॉर द नेशन अभियान प्रचलित है, जिसमें विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों को पक्षकारों द्वारा मीडियेशन के आधार पर निस्तारित किया जा रहा है। वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दिनांक 14 मार्च 2026 को किया जा रहा है, जिसके अनुक्रम में देहरादून जिले में भी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित कर जिला देहरादून के माननीय न्यायालयों में लम्बित वादों का अधिक से अधिक निस्तारण किया जाएगा। साथ ही बैंक और इंश्योरेंश कंपनियों द्वारा भी 14 मार्च 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रतिभाग करते हुए प्री-लीटिगेशन स्तर के मामलों का आपसी रजामंदी के आधार पर यादों का निस्तारण किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लंबित एवं प्री-लीटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण कराना है। राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी वाद, वैवाहिक/पारिवारिक वाद, चैक बाउंस मामले, वसूली व मोटर दुर्घटना के वाद, श्रम संबंधी याद आदि का निस्तारण किया जायेगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में पुलिस या आर०टी०ओ० द्वारा संस्थित ऐसे सभी एम०वी० एक्ट चालानों का भी निस्तारण किया जायेगा, जोकि न्यायालयों में लंबित हों तथा शमनीय प्रकृति के हों, निर्धारित शमनीय फीस जमा कर बिना किसी अन्य व्यय के चालानों का निपटारा किया जा सकता है। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में उपभोक्ता फोरम के वादों का भी निस्तारण किया जायेगा। अतः वे सभी पक्षकार जो अपने मामलों को आपसी राजीनामे के आधार पर आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित कराना चाहते हैं, वे इस सम्बंध में सम्बंधित न्यायालयों में प्रार्थना पत्र देकर अपने वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु नियत करा सकते है। आज तिथि तक लगभग 2000 मामले समस्त देहरादून जिले के विभिन्न न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु नियत किये जा चुके हैं। अतः सभी वादकारियों से अपील है कि वर्ष 2026 की इस प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठायें।
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