कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में पीएम-उषा मेरु के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम ‘शेपिंग द फ्यूचर’ का समापन हुआ

नैनीताल । कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में पीएम-उषा मेरु के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम ‘शेपिंग द फ्यूचर’ का समापन हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी करने के बाद करियर और रोजगार के अवसरों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रथम तकनीकी सत्र का संचालन डॉ. गिरीश सी. खरवाल ने किया गिरीश खरवाल ने शैफलर इंडिया लिमिटेड के रीजनल इंडस्ट्रियल बिजनेस प्रमुख संदीप जोनाथन सिंह का परिचय कराया। श्री सिंह ने विद्यार्थियों को अपने भविष्य की जिम्मेदारी स्वयं लेने और अपनी क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सफलता के लिए संवाद कौशल, प्रतिबद्धता, निरंतर प्रयास और कार्य करने की क्षमता बहुत जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि नौकरी पाने के लिए किन गुणों और कौशलों का विकास करना चाहिए।
दूसरे सत्र में डॉ. राशि ने DAWG एनर्जी के सह-संस्थापक श्री रोहन पाठक का परिचय कराया। श्री पाठक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बहुत कम पैसे से अपना व्यवसाय शुरू किया और आज एक सफल कंपनी चला रहे हैं। उन्होंने व्यवसाय शुरू करने में आने वाली कठिनाइयों, अपनी गलतियों और सफलताओं के बारे में बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि कोई भी व्यवसाय शुरू करने से पहले बाजार की मांग और लोगों की जरूरतों को समझना जरूरी है।
इसके बाद कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह का संचालन शिक्षा संकाय के डीन प्रो. ललित मोहन तिवारी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. सतपाल सिंह, निदेशक प्रो. संजय पंत, प्रो. महेश जोशी, श्री रोहन पाठक और अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित करके की गई। प्रो. गीता तिवारी ने सभी अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत किया। डॉ. गिबू साबू ने दो दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस दौरान दो विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कार्यशाला उनके लिए बहुत उपयोगी और जानकारीपूर्ण रही तथा इससे उन्हें अपने भविष्य की तैयारी करने में मदद मिली। निदेशक प्रो. संजय पंत ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की।
प्रो. एम.सी. जोशी ने विद्यार्थियों को हमेशा नई जानकारियां प्राप्त करने और नवीनतम पुस्तकों एवं साहित्य का अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग एक सहायक साधन के रूप में करना चाहिए, न कि उस पर पूरी तरह निर्भर हो जाना चाहिए।
कुलपति प्रो. सतपाल सिंह ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और लगन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान जंतु विज्ञान विभाग की ओर से कुलपति को सुनहरी तितली की स्मृति-भेंट दी गई। वहीं, प्लेसमेंट सेल की ओर से शोधार्थी श्रेया जुकरिया द्वारा बनाया गया हस्तनिर्मित गमला भेंट किया गया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। अंत में डॉ. राशि ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रो. गीता तिवारी, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. गिबू साबू, डॉ. गिरीश खरवाल, डॉ. राशि तथा रसायन विज्ञान विभाग की शोधार्थी मनीषा जोशी, आयशा, श्रेया जुकरिया, अंकिता और पूजा उपस्थित रहीं। वनस्पति विज्ञान विभाग से शोधार्थी लता नितवाल, भावना पांडे, पूजा, खुशी और अंशिका थुवाल सहित लगभग 120 विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।












