बंटवारे के दर्द को बयां नाटक ‘ओ जन्मया नई नाट्य’

नैनीताल संगीत नाटक अकादमी अवॉरडीज थिएटर फेस्टिवल के तहत सरोवर नगरी में सोमवार को शैले हाल में युगमंच द्वारा प्रसिद्ध नाटक ‘ओ जन्मया नई’ का मंचन किया जाएगा। यह प्रस्तुति राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित रंगकर्मी एवं युगमंच के अध्यक्ष जहूर आलम को मिले सम्मान के उपलक्ष्य में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल रही, संगीत नाटक अकादमी की प्रतिनिधि व प्रसिद्ध लोक गायिका पद्म श्री डॉ बसंती बिष्ट मुख्य रूप से मौजूद रही l देश भर के अकादमी पुरस्कार प्राप्त कलाकारों व संस्थाओं ओर से अलग-अलग स्थानों पर नाटकों की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। इसी श्रृंखला में नैनीताल में यह मंचन किया गया असगर वजाहत की ओर लिखित इस नाटक का निर्देशन जहूर आलम ने किया है जबकि स्क्रिप्ट संपादन प्रदीप पांडे का है। नाटक का मूल संगीत बांग्लादेश के सानी जुबेर ने दिया है और प्रस्तुति का संगीत निर्देशन नैनीताल के नवीन बेगाना ने किया है।
‘ओ जन्मया नई’ भारत-पाक विभाजन की विभीषिका और उस दौर की मानवीय संवेदनाओं को खूबसूरती से सामने लाता है। नाटक दहशत और हिंसा के बीच इंसानियत के बचे रहने की कहानी कहता है। मुख्य भूमिका में रतन लाल जोहरी की माँ का सशक्त किरदार जहूर आलम ने निभाया अन्य प्रमुख कलाकारों में मिथिलेश पाण्डे, मदन मेहरा, मनोज कुमार, अदिति खुराना, डॉ मोहित सनवाल, हर्षिता गुसाई, कौशल साह, डॉ हिमांशु पाण्डे, पवन कुमार, नीरज डालाकोटी, दीपक बोरा व हर्ष यादव शामिल हैं। प्रकाश व्यवस्था अनिल कुमार देख रहे हैं। वित्त एवं निर्माण नियंत्रक की जिम्मेदारी भास्कर बिष्ट व रफत आलम ने निभाया l प्रसिद्ध लोक गायिका पद्म श्री डॉ बसंती बिष्ट अपने जगर ज्ञान से सभी लोगों को मंत्र मुग्ध कर उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक ज्ञान जागर की जानकारी दी l
इस दौरान पद्म श्री अनूप साह, समाजसेवी आलोक साह, गीता साह, के पी साह शामिल होंगे। इस दौरान राजीव लोचन साह, डी के शर्मा, शारदा संघ के प्रो डी एस बिष्ट, गीता साह, चंद्र लाल साह आदि मौजूद रहे l

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