डीएसबी परिसर में ‘होलिस्टिक वेलनेस थ्रू एनर्जी साइंस’ पर विशेष व्याख्यान आयोजित

नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डी.एस.बी. परिसर मे मंगलवार को प्लेसमेंट सेल द्वारा ‘Introduction to Holistic Wellness through Energy Science’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को समग्र स्वास्थ्य, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन तथा जीवन में सामंजस्य के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में इनर पीस सॉल्यूशंस के वित्त प्रबंधक विशाल शाह मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन निदेशक प्लेसमेंट सैल प्रो.गीता तिवारी ,प्रो.एन जी साहू, डॉ पैनी जोशी ,डॉ. गिबू साबू, डॉ गिरीश खर्कवाल ,डॉ. राशि मिगलानी के मार्गदर्शन में किया गया।व्याख्यान के दौरान विशाल शाह ने जीवन के प्रति समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ज्ञान, वित्त, स्वास्थ्य और संबंधों को जीवन के चार प्रमुख आयाम बताया और कहा कि जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए इन सभी पहलुओं पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों के जीवन में आने वाली वित्तीय समस्याओं, पारिवारिक परिस्थितियों, चिंता, सहपाठियों के दबाव तथा संबंधों से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।वक्ता ने मन, शरीर और आत्मा के पारस्परिक संबंधों तथा विचारों और भावनाओं की भूमिका को समझाया। उन्होंने मानव ऊर्जा, भावनात्मक एवं मानसिक शरीर तथा मानव आभामंडल ह्यूमन ऑरा की अवधारणा से विद्यार्थियों को परिचित कराया। इसके साथ ही उन्होंने गैस डिस्चार्ज विजुअलाइजेशन GDV कैमरे और किर्लियन फोटोग्राफी के बारे में जानकारी दी और बताया कि इन तकनीकों को ऊर्जा-संबंधी पैटर्न के मूल्यांकन में प्रयोग किया जाता है।कार्यक्रम में प्राणिक हीलिंग Pranic Healing की अवधारणा और उसके विभिन्न अनुप्रयोगों पर भी चर्चा हुई। वक्ता ने उच्च रक्तचाप, मधुमेह, चिंता, व्यसन तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के संदर्भ में इस पद्धति पर अपने विचार साझा किए। साथ ही बेसिक प्राणिक हीलिंग, एडवांस्ड प्राणिक हीलिंग और प्राणिक साइकोथेरेपी कार्यशालाओं की जानकारी भी दी।विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए गहरी श्वास लेने, क्षमा भाव विकसित करने, कर्म के सिद्धांत को समझने तथा ट्विन हार्ट्स मेडिटेशन जैसी प्रथाओं पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सुपर ब्रेन योग SBY का व्यावहारिक प्रदर्शन रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अभ्यास किया। इसके अतिरिक्त बिना शारीरिक स्पर्श एवं औषधियों के ऊर्जा-आधारित उपचार की प्रदर्शनात्मक गतिविधि भी आयोजित की गई।













