शैल कला संस्था ने आनंदशाला शिविर की समीक्षा बैठक में आत्ममंथन

देहरादून। आज शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति (पंजी 1988) के तत्वावधान में आयोजित आनंदशाला शिविर के समापन के पश्चात संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ स्वामी एस चंद्रा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन राजकीय इंटर कॉलेज डोभालवाला में किया गया।
बैठक में डॉ स्वामी एस चंद्रा ने सभी से कार्यक्रम के बारे में अपने विचार व्यक्त करने के लिए कहा। मंच पर ध्वनि और प्रकाश की व्यवस्था संभाल रहे उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से सोशल इंटर्नशिप करने वाले आदित्य कंडवाल ने बताया कि उनका एक प्रकार का नया अनुभव है, बच्चों के ऐसा अवसर कभीं नही मिला, उनसे कुछ सीखने का मौका मिला और संस्था का आभार व्यक्त किया।
यूपीईएस की वरिष्ठ प्रशिक्षु उपासना गौड़ ने कहा बच्चों के साथ रहकर एक नया अनुभव है। इसी प्रकार देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी से वरिष्ठ प्रशिक्षु सूरज क्षेत्री, त्रियेश पुनः ने खुशी जाहिर करते हुए कहा हमें जो गत वर्ष सिखाया गया था आज हमें उसका अनुभव बच्चों से मिलकर पता चलता है जैसे ही हमें बच्चे देखते हैं खुशी से हमें मिलने के लिए भागते हैं।
देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी से सोशल इंटर्नशिप करने वाले छात्र छात्राओं में फाइन आर्ट की मंशा राय और अखिल रावत ने कहा कि हमारे द्वारा एक दिन में कला चित्र को स्वामी जी ने फ्रेम करा कर अतिथियों को भेंट किया, हमें बहुत अच्छा लगा क्योकि हमारी आर्ट को अतिथियों के घर पर रखा जाएगा।
यूपीईएस से प्रशिक्षु मुजीब अहमद, राम्या गुप्ता, वर्णिका पंत, कृष कुमार, जस अरोड़ा, काव्य मंडल, सम्मेद जैन, अंशिका यादव ने अपने अपने कार्य के बारे में बताया, सभी ने बच्चों के साथ काम करने का अनुभव साझा किया।
डॉ स्वामी ने कहा सभी को मिल कर ऐसे ही काम करना है, समाज में जाने से पहले वहां की जानकारी और पृष्ठभूमि का अध्ययन कर लेना चाहिए। डॉ स्वामी ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा आगे और अधिक परिश्रम करने हेतु अनुरोध किया।











