आनंदशाला शिविर व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण – डॉ स्वामी चंद्रा


देहरादून। शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति (पंजी-1988) के तत्वावधान में आयोजित 15, दिवसीय आनंदशाला शिविर का आयोजन राजकीय इंटर कॉलेज डोभालवाला में गत् 1 जून से किया जा रहा है।
शिविर संयोजक एवं शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ स्वामी एस चंद्रा ने बताया कि यह शिविर के आयोजन से बच्चों। में व्यक्तित्व विकास होना स्वाभाविक है क्योंकि बच्चों को खुलेपन में बिना संकोच के अपनी बात बोलने और सीखने की पूरी आजादी होती है।
डॉ स्वामी ने बताया कि शिविर का आयोजन विगत 2022 से लगातार किया जा रहा है, बच्चों हिंदी, अंग्रेजी, गणित, कला एवं खेल-खेल में कई विषयों को समझाया जाता है।
समूह में बोलना अपनी बात को बिना संकोच किए बोलना, अपने से बड़ों के साथ व्यवहार करने के विषय पर ध्यान दिया जाता है।
शिविर में पौराणिक एवं बुद्धिमता वाले खेल खिलवाये जाते हैं और एक दूसरे के साथ मिलकर रहना, कोई भी वस्तु को एक दूसरे के प्रयोग करने के बारे में बताया जाता है, लघु एवं कार्टून वाली शिक्षाप्रद फिल्में दिखा कर उनकी जिज्ञासा के बारे में समझा जाता है, बच्चों से प्रश्नोत्तर करके उनके मस्तिक की परीक्षा भी ली जाती है।
डॉ स्वामी ने बताया कि विभिन्न यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स सोशल इंटर्नशिप करने हेतु हमारे पास आए हुए हैं यह शिविर उनके लिए और भी ज्यादा सीखने के लिए कारगर साबित होता है, प्रशिक्षुओं को बच्चों से बात करना, उनके बारे में जानना, उनको उनके स्थिति के अनुसार पढ़ाना, बच्चों के साथ खेल-खेल में कुछ सीखना,
डॉ स्वामी ने बताया कि शिविर 17 जून तक आयोजित किया जाएगा, लेकिन सोशल इंटर्नशिप 31 जुलाई 2026 तक चलेगी, यूपीईएस, देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी तथा उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के अतिरिक्त अन्य यूनिवर्सिटी से सोशल इंटर्नशिप करने हेतु प्रशिक्षु आए हुए हैं।
इंटर्नशिप करने वाले समस्त प्रशिक्षुओं को विभिन्न विषयों की जानकारी देने हेतु मर्मज्ञ विद्वानों को बुलाया जाता है जैसे आपदा प्रबंधन, सीपीआर, कला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न प्रकार के खेल, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, मानचित्र, प्रयोग में नहीं होने वाली वस्तुओं के प्रयोग करने तथा सजावटी सामग्री तैयार करना तथा उत्तरांचल दुग्ध उद्योग तथा ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण कराना।