नैनी झील में डाली गई मछलियां
नैनीताल: नैनीझील की पारिस्थितिकी को बनाये रखने के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय के मत्स्य विभाग की ओर से नैनीझील में सिल्वर कार्प, गोल्डन महाशीर व बुनियस मछली के बीज डाले गए। जो जलीय पारिस्थितिकी में सुधार लाने का काम करेंगी। साथ ही पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंन्द्र बनेंगी।
बुधवार को पंतनगर विश्वविद्यालय मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों व कर्मचारियों की टीम नैनीताल पहुंची। टीम ने प्राधिकरण कर्मियों के साथ मिलकर तल्लीताल फांसी गधेरा क्षेत्र से झील में सिल्वर कार्प, गोल्डन महासीर व बुनियस मछली छोड़ी। इस दौरान डॉ आशुतोष मिश्रा ने बताया कि झील की जलीय पारिस्थिकी के स्तर को ठीक करने के लिए लगातार झील में मछली डाली जाती हैं। झील की पारिस्थितिकी में सुधार लाने के लिए विभिन्न प्रजातियों की मछलियां लगातार डाली गई हैं। बताया कि कुछ ही वर्षों में झील में कॉमन कार्प मछली की संख्या बेहद बढ़ने लगी। जिसे नियंत्रित करने के लिए कॉमन कार्प, बिग हेड प्रजाति की मछलियाें को निकालने के साथ ही नई प्रजातियों को झील में छोड़ा जा रहा है। बताया कि
नैनीझील में 15000 सिल्वर कार्प, 5000 गोल्डन महाशीर व 1000 बुनियस छोड़ी गई। बताया सिल्वर कार्प झील की काई व खरपतवार को कम करेंगी, जबकि गोल्डन महाशीर जीवित जीवों को खाकर झील को साफ बनाये रखने में मदद करेगी।











