आनंदशाला शिविर से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा- देवेन्द्र सती

देहरादून। आज दिनांक 17 जून 2026 को शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति के तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज, डोभालवाला, देहरादून में आयोजित 15 दिवसीय आनंदशाला शिविर (समर कैम्प-2026) के समापन पर बच्चों की सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
सर्वप्रथम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि- देवेन्द्र सती (समाचार संपादक, दैनिक जागरण), कार्यक्रम अध्यक्ष – डॉ स्वामी एस चंद्रा, विशिष्ट अतिथि- केदार दत्त – वरिष्ठ पत्रकार, बी.एस. नेगी-अध्यक्ष, तिलक राज शर्मा – संरक्षक, रविन्द्र दत्त सेमवाल महासचिव, श्रीकांत विमल- संगठन सचिव, (उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन), शिक्षाविद् -डॉ आर एस राठी, भरतनाट्यम गुरु -डॉ माया वी. सक्सेना, कला कृति गुरु- श्रीमती ज्योति जौहर, शिक्षाविद् राजीव आहूजा ने संयुक्तरुप से दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
सर्वप्रथम भरतनाट्यम शैली में अयांशी गुप्ता ने नवदुर्गा स्तुति की सुंदर प्रस्तुति दी, तत्पश्चात बच्चों ने स्वागत गीत गाया, डॉ स्वामी एस चंद्रा द्वारा सभी अतिथियों का तुलसी का पौधा, अंगवस्त्र एवं स्टूडेंट्स द्वारा बनाई गई चित्रों को भेंट किया।
तत्पश्चात बच्चों ने हिंदी, अंग्रेजी की कविता सुनाई, बालिकाओं ने गढ़वाली गीत पर नृत्य किया, बच्चों ने विभिन्न प्रकार के गीतों पर नृत्य किया। अगन्या भंडारी ने मोहे छेड़ गयो रे नंदलाल…. गीत पर कत्थक शैली में सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी जिससे सभागार में सभी ताली बजाने को मजबूर हो गए। बच्चों द्वारा बनाई गई कला कृतियों का प्रदर्शन भी किया गया।
मुख्य अतिथि देवेन्द्र सती ने अपने उद्बोधन में कहा आनंदशाला शिविर में बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर बहुत ध्यान दिया गया है वह उनकी प्रस्तुति एवं आत्मा विश्वास से पता चलता है। बी एस नेगी ने कहा स्वामी जी द्वारा आयोजित शिविर में अनगिनत बच्चों ने प्रेरणा ली है। ज्योति जौहर ने कहा आर्ट और चित्रों से हम स्वरोजगार को बढ़ा सकते हैं। डॉ आर एस राठी ने कहा स्वामी जी द्वारा गरीब बच्चों के लिए किए जा रहे कार्य की कितनी भी प्रशंसा की जाए कम होगी, अपना पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित किया हुआ है। राजीव आहूजा ने कहा में प्रतिदिन स्वामी जी के कार्य को नजदीक से देखकर ये कह सकता हूं कि इतनी ऊर्जा कहां से आती है।
डॉ स्वामी ने कहा समस्त कार्यक्रम की रूपरेखा, प्रबंधन, मंच संचालन, संगीत सभी यूपीईएस, देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी एवं विभिन्न यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने संभाला, मुझे केवल निरीक्षण करना है, सारा काम कॉलेज के स्टूडेंट्स देखेंगे, जब ऐसे आयोजन करेंगे तभी कुछ सीखेंगे।
सम्मेद जैन ने शिविर के अनुभव साझा किए, मुजीब अहमद ने स्वामी जी का परिचय दिया, राम्या गुप्ता ने संस्था के कार्यों की जानकारी दी।
डॉ स्वामी ने बताया कि यह दिन कभी भुलाया नहीं जा सकता क्योंकि आज ही के दिन 40 वर्ष पूर्व 17 जून 1986 को नगर निगम के प्रेक्षागृह में एक गढ़वाली नाटक घर भूत (हत्यां) की प्रस्तुतीकरण किया था।
आज प्रशिक्षु सम्मेद जैन, जस अरोड़ा, राम्या गुप्ता, अंशिका यादव, वर्णिका पंत, मुजीब अहमद, कृष कुमार, काव्या मंडल, मंशा राय, समृद्धि, रेशम, तुषार रावत, अखिल रावत, पायल, आशिया, उपासना, सूरज क्षेत्री, त्रियेश पुनः, पिंटू, शिवानी, बरखा, शिवानी प्रिंस ने भरपूर सहयोग किया। अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया तथा राष्ट्रगान के पश्चात जलपान किया गया।