“वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह..!”

प्रिय सत्कार योग्य सिख समुदाय, कोई भी गलती हो जाने पर आपकी स्वीकारोक्ति ही आपको दूसरों की नजरों में क्षमा का अधिकारी भी बना देती है। आपका स्वीकारना ही आपको दूसरों की नजरों में क्षमा का अधिकारी बना देगा! भूल होना प्रकृति है मान लेना ही संस्कृति है। सिख समाज ने सदैव श्रम, शौर्य, समर्पण, सेवा, सहयोग, सहायता, सहृदयता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। सिख समाज का पूरा इतिहास शौर्य और बलिदान की एक बेमिसाल गौरवगाथा है। में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत के वक्तव्य जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है, विनम्रतापूर्वक क्षमा याचना की प्रार्थना करता हूँ ।कांग्रेस पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता सिख समुदाय की धार्मिक मान्यताओं और पूजनीय परंपराओं को सर्वोच्च सम्मान देते हैं। कांग्रेस परिवार सिख धर्म और उसकी महान परंपराओं का दिल की गहराइयों से सम्मान करती है ,आशा है कि हम सभी मिलकर एकता और सम्मान के साथ आगे बढ़ेंगे।

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