मकसद देवभूमि के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर ले जाना।

नैनीताल: निदेशक अंशु मलिक से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि पैसा कमाना उनका मकसद नहीं है, वो इस राज्य के विकास में अपना सहयोग देना चाहते हैं। देवभूमि के पर्यटन को शिखर पर लाना चाहते हैं और पलायन कैसे मुद्दे को रोकने को ,, अपने एजेंडे में शामिल करना चाहते हैं। इसके लिए पिछले एक साल से जूझ रहे हैं और अगले एक साल में होटलों की लंबी फेहरिस्त को अपने होटल ग्रुप में शामिल कर युवाओं का भविष्य संवारना चाहते हैं। ग्रुप के होटलों में पांच सितारा से लेकर बजट होटल्स को शामिल करना चाहते हैं। अच्छी खबर ये है कि नैनीताल समेत कौसानी, कॉर्बेट, बिनसर, अल्मोड़ा व मुक्तेश्वर में एक दर्जन होटलों को अपने होटल समुदाय के साथ जोड़ चुके हैं। उनका दावा है कि इन सभी होटलों में उच्च स्तरीय सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इन सभी होटलों का संचालन पेशेवर तरीके से किया जा सकेगा। जिसके तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों से अनुभवी जीएम रैंक के अधिकारियों को नियुक्त किया जायेगा। साथ उत्तराखंड के युवाओं को ट्रेनिंग देकर होटलों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि में अगले एक साल में सौ होटलों को समूह से जोड़ा जाएगा। जिनमे सैकड़ों युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।

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