शहर में बाइक व स्कूटी रेंटल व्यवसाय से जुड़े संचालकों ने प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है

नैनीताल। शहर में बाइक व स्कूटी रेंटल व्यवसाय से जुड़े संचालकों ने प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। बाइक रेंटल संगठन के अध्यक्ष संजय सिरोही ने कहा कि जब भी प्रशासनिक स्तर पर बैठकें आयोजित की जाती हैं, उनमें संगठन के पदाधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया जाता, जबकि उनका संगठन एक पंजीकृत फर्म है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और आरटीओ के माध्यम से की जाने वाली चालानी कार्रवाई में 80 से 90 प्रतिशत तक केवल बाइक और स्कूटी चालकों को ही निशाना बनाया जाता है। जबकि उच्च न्यायालय के 4 जुलाई 2017 के आदेश के अनुसार, नैनीताल की माल रोड पर उस तिथि के बाद के सभी वाहनों—चाहे वे दोपहिया हों या चारपहिया, व्यावसायिक हों या निजी—का प्रवेश प्रतिबंधित है।
संजय सिरोही ने कहा कि टीबी नंबर के नाम पर केवल स्कूटी और बाइक संचालकों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है, जो पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि यह वाहन स्थानीय बेरोजगार युवाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे अपनी आजीविका चला रहे हैं।
संगठन का कहना है कि प्रशासन के इस रवैये से वे बेहद आहत हैं। यदि भविष्य में भी इसी तरह का रवैया जारी रहा, तो बाइक-स्कूटी संचालक हड़ताल, धरना और आमरण अनशन जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।










