स्मृतियां………..भुली बिसरी यादों में. ‌…बहुमुखी प्रतिभा के धनी(बहु आयामी व्यक्तित्व)

पूरन चंद लोहनी जी।
आलेख -बृजमोहन जोशी.




नैनीताल। पण्डित हरिदत्त लोहनी श्रीमती मालती देवी जी के घर नैनीताल में जन्म हुआ पूरन चंद लोहनी जी का। आपकी शिक्षा नैनीताल में हुई। आप मुख्य डाक तार विभाग नैनीताल से पोस्ट मास्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए। आप चार भाई थे जिनमें श्री जगदीश चन्द्र लोहनी जो शिक्षाविद व संस्कृति कर्मी तथा भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय नैनीताल से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। आप श्री मां नयना देवी मंदिर मल्लीताल नैनीताल श्री राधाकृष्ण मंदिर के आचार्य भी रहे। श्री उमेश चन्द्र लोहनी आप मोहन मेकिंग में लेखाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए । श्री नवल किशोर जी जो लोक निर्माण विभाग से मुख्य अभियंता के पद‌ से सेवा निवृत्त हुए। आपकी छ: बहिनें जिनमें श्रीमती नर्मदा जोशी, श्रीमती इन्द्रा जोशी, श्रीमती गंगा जोशी, श्रीमती प्रिया त्रिवेदी, श्रीमती मीना तिवारी, श्रीमती बसन्ती तिवारी। दस भाई बहनों में आप सबसे बड़े भाई थे। आपने अपने जीवन में शतत संघर्षों के साथ अपनी अदम्य जिजीविषा के कारण कला के सन्दर्भ में बहुआयामी व्यक्तित्व व संस्कृति का आधार स्तम्भ बन बैठे। आपने रामलीलाओं में अभिनय के साथ कला जीवन का श्रीगणेश किया। आप एक कुशल तैराक, फुटबॉल के खिलाड़ी, संगीतकार, हास्य अभिनेता अर्थात हरफनमौला कलाकार थे। लगभग सभी उपलब्ध वाद्य यंत्र को आप बजा लेते थे। राम लीलाओं में निर्देशक के रूप में आपने काफी लम्बे समय तक श्री राम सेवक सभा मल्लीताल नैनीताल में ,शारद संघ नैनीताल में अपनी सेवाएं दी।
पिलीभीत में सबसे पहले कुमाऊंनी राम लीला कराने का श्रेय आपको जाता है। काशीपुर में कुमाऊंनी होली कि बैठकों का आयोजन आपके सहयोग से हुआ। आप कुमाऊंनी होलियों मे अखण्ड रामायण, सुंदर काण्ड, भजन कीर्तन गायन में आप हमेशा अपनी भागीदारी सबसे पहले दिया करते थे। आप पशु प्रेमी भी थे । आपने कई वर्षों तक एक पशु पालक के रूप में भी कार्य किया। आप नैनीताल में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाऐं दिया करते थे। आपके चार पुत्र – हेम चन्द्र लोहनी, राकेश कुमार, योगेश लोहनी,कमल लोहनी तथा दो सुपुत्री श्रीमती हेमलता जोशी, श्रीमती कंचन पाण्डे। मेरा सौभाग्य है कि श्री राम सेवक सभा मल्लीताल नैनीताल के द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में मुझे उन्हें देखने सुनने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ।
शहर के तमाम कलाकारों संस्कृति कर्मियों कि ओर से उन्हें शत-शत नमन।इस आलेख को इस रूप में आप लोगोंके समक्ष सांझा करने में उनके सुपुत्र श्री योगेश लोहनी जी का विशेष सहयोग मुझे प्राप्त हुआ। योगेश लोहनी जी भी एक हरफनमौला कलाकार है और आज भी रामलीलाओं, होली में वह अपने अभिनय (हास्य व्यंग) को लेकर पहले नैनीताल में अब भवाली में खाशे प्रसिद्ध कलाकार हैं।

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