भारतीय शिक्षण मंडल उत्तराखण्ड प्रांत ने अपना 55वां स्थापना दिवस मनाया

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नैनीताल l गुरुवार को भारतीय शिक्षण मंडल का 55वां स्थापना दिवस तथा युवा आयाम का पोस्टर लोकार्पण ग्राफिक्र एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय में, उत्तराखंड प्रांत द्वारा मनाया गया। मंच का संचालन डॉ.अजय सैनी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ ध्येय श्लोक जो कि विष्णु पुराण का श्लोक है डॉ. अनन्या गुप्ता के द्वारा किया गया। ध्येय वाक्य डॉ.अजय सैनी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ) अनीता रावत, निदेशक उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क), प्रो. (डॉ) जगमोहन सिंह राणा, पूर्व सदस्य एवं अध्यक्ष उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, पूर्व निदेशक उत्तराखंड बायोटेक्नोलॉजी विभाग उत्तराखंड शासन, प्रो. (डॉ) संजय जसोला, कुलपति ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, डॉ गगन माटा, सह प्रांत मंत्री, भारतीय शिक्षण मंडल रहे ।
भारतीय शिक्षण मंडल का परिचय दयाशंकर मिश्र, उत्तराखंड प्रांत में विस्तारक हैं, उनके द्वारा दिया गया। सर्वप्रथम वक्ता के रूप में प्रो. (डॉ) अनीता रावत जिन्होंने विकसित भारत के बारे में बताया। विकसित भारत 2047 के चार मुख्य स्तंभ हैं- युवा, महिलाएं, किसान, गरीब। जब तक इन चारों स्तंभ में एक समग्रता नहीं होगी तब तक हम इस लक्ष्य की पूर्ति को नहीं प्राप्त कर पाएंगे।
द्वितीय वक्ता के रूप में प्रो. जगमोहन राणा ने भारतीयता को लेकर अपना वक्तव्य दिया। भारतीयता का मतलब है जो निरंतर प्रकाशित रहे इसलिए दुनिया के अंदर एक ही संस्कृति ऐसी है जो युगों युगों से चलती आ रही है बहुत सारी संस्कृति आई और चली गई यह संस्कृति है कि कुछ बात हैं कि हस्ती मिट्टी नहीं हमारी। शिक्षा में भारतीयता लाने का यह कार्य भारतीय शिक्षण मंडल बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत कर रही है।
इसके बाद डॉ.संदीप गौतम ने युवा आयाम का परिचय दिया और शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता के बारे में बताया। प्रो. संजय जसोला ने अध्यक्षता उद्बोधन किया। कल्याण मंत्र एवं शांति पाठ दयाशंकर मिश्र द्वारा पूर्ण किया गया।
इस कार्यक्रम में डॉ. महेश मनचंदा, प्रतिभा पाल, कामिनी शर्मा, प्रो. अजय सैनी, प्रो. शिवाशिष, प्रो. दीपक राणा, प्रो. राहुल राज, प्रो. अनिल धस्माना, प्रो अवनीश चौहान, प्रो. कमल कांत जोशी, प्रो. संदीप कुमार, डा. अजय जोशी इत्यादि मौजूद रहे।

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