तीन दिवसीय प्राथमिक स्तर कुमाउनी भाषा माड्यूल निर्माण कार्यशाला हुई सम्पन्न
नैनीताल l 9 से 11 तक जिला शिक्षण शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) भीमताल द्वारा आयोजित प्राथमिक स्तर हेतु कुमाउनी भाषा माड्यूल निर्माण कार्यशाला आज हुई सम्पन्न।
इस कार्यशाला के समापन पर बोलते हुए प्राचार्य सुरेश चंद्र आर्य जी ने इस कार्यशाला के उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप को समझाते हुए स्थानीय भाषा कुमाउनी के महत्व व प्रयोग को प्रोत्साहित करने के साथ ही शिक्षक एवं छात्रों के मध्य संवाद को बढ़ावा देने व अभिव्यक्ति कौशल का विकास करने की बात कही। वरिष्ठ प्रवक्ता राजेश कुमार जोशी ने कहा कि हम सभी को कुमाउनी भाषा को जीवंतता प्रदान करने तथा अन्य भाषाओं की तरह इस भाषा को पुनः अपना स्वाभिमान मानना होगा तभी यह भाषा सुरक्षित हो पायेगी।कार्यशाला समन्वयक डॉ. हेम चन्द्र तिवारी ने बतलाया कि हम सभी को अपने अपने स्तर से सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता है,जिससे विद्यार्थियों में इस भाषा को सीखने के प्रति रूचि बढ़ सके तथा वे सहज गति से विषयवस्तु को आत्मसात कर सकें। विभिन्न विषयों के साथ ही लोक व्यवहार में इसका प्रयोग आवश्यक है।
इस कार्यशाला के समन्वयक डॉ हेम चंद्र तिवारी,सन्दर्भ दाता के रूप में पारम्परिक लोक संस्था परम्परा नैनीताल के निदेशक बृजमोहन जोशी,”कुमगढ़” मासिक पत्रिका के प्रबंधन सम्पादक डॉ नवीन चंद्र जोशी तथा “पहरू” कुमाऊंनी मासिक पत्रिका के सम्पादक नीरज पन्त ने भी अपने अपने विचारों से अवगत कराया।
इस कार्यशाला में शिक्षिका भावना पाण्डे, बसंती लोहनी,नमिता भट्ट, तथा शिक्षक भगवान सिंह बोरा, देवेंद्र सिंह, उमेश चंद्र जोशी,हेम चंद्र शर्मा, महेश चंद्र ने सहभाग किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता ललित प्रसाद तिवारी प्रवक्ता डॉ विमल किशोर, डॉ सुमित पाण्डे, डॉ आरती जैन, रेखा तिवारी, डॉ संजय गुरूरानी, तनुजा उप्रेती, मनोज कुमार चौधरी, डॉ शैलेंद्र सिंह धपोला, डॉ प्रेम सिंह मावड़ी, सुभाष चंद्र जोशी, नीरज नेगी, प्रयाग सिंह फर्स्वाण, भगवत सिंह, दीपक बोहरा,दलीप सिंह, भुवन चंद्र जोशी, मीना देवी, पिंकी आदि उपस्थित रहे। इस कार्यशाला का संचालन डॉ हेम चंद्र तिवारी जी द्वारा किया गया।











