दून सीजीएचएस की स्वास्थ्य सेवाओं के बदतर हालात में हो रही लगातार वृध्दि, निरंतर बढ़ रही जटिल समस्याओं तथा प्रशासन के घोर उपेक्षापूर्ण व निरंकुश रवैये पर “दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन” ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन के घोर उपेक्षापूर्ण रवैये एंव कुप्रबंधन क़ी निंदा क़ी है


नैनीताल l दून सीजीएचएस की स्वास्थ्य सेवाओं के बदतर हालात में हो रही लगातार वृध्दि, निरंतर बढ़ रही जटिल समस्याओं तथा प्रशासन के घोर उपेक्षापूर्ण व निरंकुश रवैये पर “दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन” ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन के घोर उपेक्षापूर्ण रवैये एंव कुप्रबंधन क़ी निंदा क़ी है तथा समस्याओं के निराकरण क़ी पुरजोर मांग क़ी है! इस निमित्त शीघ्र ही केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा से मिलने का निर्णय लिया है़!
अध्यक्ष रवींद्र सेमवाल क़ी अध्यक्षता एंव महासचिव एस एस चौहान के संचालन में प्रगति विहार, हरिद्वार रोड़, अजबपुर स्थित समुदायिक केन्द्र में आज प्रातः आयोजित कार्यसमिति क़ी एक आपात बैठक में उक्त आशय का सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया गया!
महासचिव एस एस चौहान ने कहा कि एक ओर प्रदेश भर में सीजीएचएस लाभार्थियों क़ी निरंतर बढ़ रही 63 हजार पहुंच चुकी विशाल संख्या के सापेक्ष मात्र 3 वेलनेस सेंटर (स्वास्थ्य केन्द्र) कार्यरत हैं वो भी केवल देहरादून में हैं अतः सभी जिलों सें मरीजों को ईलाज हेतू दून आना पड़ता है जिससे उनका आर्थिक, शारीरिक व मानसिक शोषण होता हैं! जो कि घोर अन्यायपूर्ण है! यानि 20 हजार से अधिक लाभार्थी एक केन्द्र पर निर्भर हैं जबकि सरकारी मानक के तहत 6000 हजार पर एक सेंटर होना चाहिए जिससे मरीजों को रोजाना भारी परेशानियां झेलकर भी समुचित उपचार नहीं मिल पाता! लंबे समय सें संगठन द्वारा सर्वे क़ी हाथीबड़कला डिस्पेंसरी एंव रायपुर ओएफडी अस्पताल को दून सीजीएचएस में विलय किये जाने तथा कोटद्वार, श्रीनगर व हरिद्वार में वेलनेस सेंटर खोले जाने क़ी पुरजोर मांग क़ी जाती रही है किन्तु सभी सार्थक प्रयासों के बावजूद दून सहित प्रदेश भर में 5 वर्षों से एक भी अतिरिक्त सीजीएचएस वेलनेस सेंटर नहीं खोला गया है़ जबकि इस दौरान लाभार्थियों क़ी संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है! संयोजक बी एस नेगी ने कहा कि पिछले 3 सालों सें अधिकृत स्थानीय केमिश्ट की टेंडर प्रक्रिया केवल दिखावे के लिये शूरू कर बीच में ही रोक दी जाती है़ और प्रशासन की मिलीभगत सें एक ही केमिस्ट को तीनों सेंटरो पर इन्डेटेड दवा की आपूर्ति का अवसर दीर्घ काल से दिया जा रहा है़, जबकि 3 सेंटरो के लिए 3 केमिस्ट जरूरी हैं! संयुक्त सचिव अशोक शंकर ने कहा कि डाक्टरों क़ी भारी कमी हमेशा ही बनी रहती है, जिससे कई मरीजों को रोजाना नंबर न आने सें बिना ईलाज के लौटना पड़ता है जोकि उनके जीवन से खिलवाड़ हैं!
अध्यक्ष रवींद्र सेमवाल नेकहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जनवरी में हल्द्वानी में वेलनेस सेंटर खोले जाने का सेधाँतिक अनुमोदन किये जाने के बावजूद प्रशासन घोर लापरवाही का रवैया अपनाये हुए है!
कोषाध्यक्ष ए के उनियाल ने सीजीएचएस के तहत खोली गई आयुष एंव होम्योपैथी यूनिट में दवाओं व संसाधनों की भारी कमी होने से मरीजों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया! आडिटर आर पी उनियाल व स्वामी एस. चन्द्रा ने वेलनेस सेंटरों के शौचालयों क़ी सफाई, मरीजों के लिए पेयजल व बैठने क़ी समुचित व्यवस्था न होने क़ी समस्या को उजागर किया!
उक्त समस्याओं को लेकर पारित 5 प्रस्तावों का ज्ञापन शीघ्र ही केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, डीजी सीजीएचएस तथा प्रदेश के सभी सांसदो को प्रेषित कर वार्ता भी क़ी जायेगी! बैठक में उक्त के अलावा उपाध्यक्ष इंदर पाल सिंह पुंडीर, प्रचार सचिव पी के सिंह, आर एस भंडारी, श्रीकांत विमल, के पी मैथानी, राजेंद्र प्रसाद आदि उपस्थित थे! प्रेषक – एस एस चौहान, महासचिव-“दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन “Mo.9412382555

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