स्मार्ट निवेश, उज्जवल भविष्य: SEBI-NSE संगोष्ठी में छात्रों को मिला वित्तीय सशक्तिकरण का मंत्र, SEBI और NSE के सहयोग से प्रबंधन अध्ययन विभाग, कुमाऊं विश्वविद्यालय में भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

भीमताल l कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सहयोग से “निवेश जागरूकता एवं वित्तीय साक्षरता” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य छात्रों और संकाय सदस्यों को निवेश की बारीकियों और वित्तीय अनुशासन की महत्ता से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके पश्चात प्रबंधन छात्रों द्वारा कुलगीत प्रस्तुत किया गया। प्रबंधन अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अमित जोशी ने सभी अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों, मीडिया प्रतिनिधियों और सहभागियों का स्वागत किया। मुख्य वक्तव्य: अमित प्रधान (क्षेत्रीय निदेशक, SEBI उत्तर भारत)
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अमित प्रधान, क्षेत्रीय निदेशक, SEBI उत्तर भारत ने अपने प्रभावशाली संबोधन में निवेश की आवश्यकता, जोखिम प्रबंधन, पूंजी बाजार की भूमिका और सुरक्षित निवेश की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “एक जागरूक निवेशक ही सुरक्षित निवेशक होता है। हमें वित्तीय निर्णय लेने से पहले पूंजी बाजार की बारीकियों को समझना चाहिए और दीर्घकालिक निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए। SEBI निवेशकों की सुरक्षा और पूंजी बाजार के पारदर्शी संचालन के लिए सतत प्रयासरत है।”
उन्होंने युवाओं को शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड्स, डिजिटल एसेट्स और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करने से पहले उचित मार्गदर्शन लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि SEBI द्वारा वित्तीय जागरूकता अभियान के माध्यम से लाखों निवेशकों को शिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे ठगी और अनियमितताओं से बच सकें। द्वितीय वक्तव्य: अविष्कार नाइक (SVP, NSE) इसके बाद अविष्कार नाइक, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, NSE ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की भूमिका, निवेश के विभिन्न माध्यमों और वित्तीय बाजारों की कार्यप्रणाली पर चर्चा की।
उन्होंने कहा, “भारत का वित्तीय बाजार तेजी से विकसित हो रहा है, और युवाओं के लिए इसमें अपार संभावनाएँ हैं। लेकिन एक सफल निवेशक बनने के लिए सही ज्ञान और सतर्कता आवश्यक है।” उन्होंने छात्रों को NSE द्वारा संचालित वित्तीय शिक्षा कार्यक्रमों की जानकारी दी, जिससे वे निवेश के तकनीकी पहलुओं को समझ सकें।
कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत का आशीर्वाद और शुभकामनाएँ कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने संगोष्ठी की सराहना करते हुए कहा कि “वित्तीय साक्षरता वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। यह संगोष्ठी छात्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और निवेश के प्रति जागरूक करने में सहायक होगी। हमें गर्व है कि हमारा विश्वविद्यालय ऐसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है, जिससे हमारे छात्र भविष्य के लिए तैयार हो सकें।”
उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रबंधन अध्ययन विभाग, SEBI और NSE को बधाई दी और कहा कि “इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों को वित्तीय निर्णय लेने में सहायता करेंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।”
विशेष संबोधन इस संगोष्ठी में सुश्री श्रुति शर्मा ने भी संगोष्ठी के महत्त्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता न केवल व्यक्तिगत समृद्धि के लिए आवश्यक है, बल्कि यह राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाती है।
कार्यक्रम संचालन और समापन
इस संगोष्ठी का मंच संचालन इंटीग्रेटेड BMS-MBA प्रोग्राम की छात्रा महक जोशी ने कुशलतापूर्वक किया। फेलिसिटेशन सेरेमनी का आयोजन प्रो. अमित जोशी और प्रो. एल.के. सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. हितेश कुमार पंत, डॉ. प्रतिभा पंत, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. लक्ष्मण रौतेला, श्री बी.सी. ध्यानी, श्री आर.सी. तिवारी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अमरप्रीत सिंह विरदी, डॉ. अनिता तिवारी, डॉ. ज्योति पांडेय, सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंत में, प्रो. अमित जोशी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आमंत्रित व्यक्तियों, मीडिया प्रतिनिधियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्रों का आभार व्यक्त किया और कहा कि “इस प्रकार के आयोजनों से वित्तीय जागरूकता और निवेश की समझ को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवा पीढ़ी अपने आर्थिक भविष्य को सुरक्षित कर सकेगी।”
इसके साथ ही, प्रो. एल.के. सिंह ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, सहभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों के व्यावसायिक और आर्थिक दृष्टिकोण को विकसित करने में सहायक होते हैं।

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