सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा द्वारा कुमाऊँ विश्वविद्यालय एवं पॉलीटेक्निक नैनीताल में अकादमिक और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई, प्रतिस्पर्धा और तेज़ी से बदलती तकनीक के साथ तालमेल बिठाने के लिए लगातार सीखने और नवाचार को अपनाना बेहद आवश्यक – सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा

नैनीताल l कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आज सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, संकायाध्यक्षों, और विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर अकादमिक और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की। सचिव डॉ. सिन्हा के आगमन पर कुलसचिव एवं वरिष्ठ प्राध्यापकों ने पुष्पगुच्छ और शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े कुलपति प्रो. दीवान एस. रावत ने डॉ. सिन्हा का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा की। बैठक के दौरान संकायाध्यक्ष, बायोमेडिकल साइंसेज, डॉ. महेंद्र राणा ने कुमाऊँ विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रगति आख्या में शोध, नवाचार, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत चल रहे शैक्षणिक सुधारों पर प्रकाश डाला गया। डॉ. सिन्हा ने कहा कि विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर का उत्कृष्ट संस्थान बनाने के लिए सभी को मिल कर कार्य करना होगा और सीखने की भूख पैदा करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें लगातार स्वयं को अद्यतन रखना चाहिए, क्योंकि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जीवन में सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। उन्होंने छात्रों को वर्तमान वैश्विक संस्थाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में विश्वविद्यालय की भूमिका को रेखांकित किया। सचिव महोदय ने विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की तथा मेरु प्रोजेक्ट के प्रस्ताव के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली और संबद्धता प्रक्रिया को डिजिटाइज और आनलाईन करने के निर्देश दिए। सचिव उच्च शिक्षा द्वारा विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय का निरीक्षण किया गया और ई बुक्स को कुमाऊं विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों हेतु लॉन्च किया गया। सचिव उच्च शिक्षा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति और उद्योग की आवश्यकता के अनुरूप प्रयोगशाला के उच्चीकरण पर बल दिया तथा गैप एनालिसिस कर इसका विस्तृत प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में प्रतिस्पर्धा और तेज़ी से बदलती तकनीक के साथ तालमेल बिठाने के लिए लगातार सीखने और नवाचार को अपनाना बेहद आवश्यक है। इसी के साथ सचिव डॉ. सिन्हा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और छात्रों के समग्र विकास पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों की गुणवत्ता हेतु उत्कृष्ट संस्थानों में प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने यू जी सी मालवीय मिशन फॉर टीचर्स ट्रेनिंग का निरीक्षण कर राज्य में शिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।
डॉ. सिन्हा ने इसके पश्चात पॉलीटेक्निक नैनीताल का निरीक्षण कर फार्मेसी, मैकेनिकल, सिविल , इलेक्ट्रिकल सहित अन्य विभागों का निरीक्षण कर सुधार हेतु आवश्यक निर्देश दिए।बैठक का सञ्चालन कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मन्द्रवाल द्वारा किया गया। बैठक में निदेशक डी.एस.बी. परिसर प्रो. नीता बोरा शर्मा, सहायक निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. दीपक कुमार पांडे, नोडल अधिकारी समर्थ डॉ. शैलेन्द्र सिंह, मुकेश पाण्डेय, सचिन शर्मा वित्त नियंत्रक श्रीमती अनीता आर्या, प्रो. अतुल जोशी सहित अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापक उपस्थित थे।

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