सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा के तहत जी0 बी0 पन्त राजकीय इंटर कॉलेज भवाली छात्र छात्रों व पी0एल0वी0 अधिकार मित्रो एस0डी0आर0एफ0 के सहयोग से एक दिवसीय प्रशिक्षण व विधिक साक्षरता एवं जगरूकता शिविर का आयोजन किया गया

नैनीताल । उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल / जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत जोशी जी के निर्देशन में सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल श्रीमती पारुल थपलियाल के द्वारा जी0 बी0 पन्त राजकीय इंटर कॉलेज भवाली मे सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा अभियान के तहत छात्र छात्रों व पी0एल0वी0 अधिकार मित्रो एस0डी0आर0एफ0 के सहयोग से एक दिवसीय प्रशिक्षण व विधिक साक्षरता एवं जगरूकता शिविर का आयोजन किया।। शिविर का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया , सचिव द्वारा मोटर वाहन अधिनियम के बारे बताया कि यह अधिनियम गति सीमा, हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात संकेतों के पालन को अनिवार्य बनाता है ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सकेलापरवाही से गाड़ी चलाने, शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रिंक एंड ड्राइव), या नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाने पर सख्त जुर्माने और सजा का प्रावधान इसी कानून के तहत किया जाता है। सचिव द्वारा बताया की राह -वीर योजना (गुड सेमेरिटन स्कीम) सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के बाद का पहला महत्वपूर्ण समय) के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुँचाकर उनकी जान बचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई एक सरकारी पहल है मदद करने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा ₹25,000 का नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिया जाता है इस योजना के प्रमुख उद्देश्य जान बचाना: सड़क दुर्घटनाओं के समय मौके पर मौजूद राहगीरों को पीड़ित की मदद करने के लिए प्रेरित करना, डर दूर करना: लोगों के मन से पुलिस पूछताछ या कानूनी मामलों में फँसने का डर खत्म करना, इस योजना मे पुरस्कार राशि और सम्मानप्राथमिक पुरस्कार भी दिया जाता है, घायल की जान बचाने वाले ‘राहवीर’ को राज्य सरकार या सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा ₹25,000 का नकद इनाम दिया जाता है यह योजना राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार भी देते है उत्कृष्ट रूप से जान बचाने वाले शीर्ष 10 राहवीरों को केंद्र सरकार द्वारा ₹1,00,000, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र से भी सम्मानित किया जा सकता है, शिविर मे सचिव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के कार्य भी बताये। एस0डी0आर0एफ0 एसआई मनोज भाकुनि द्वारा बताया गया की त्वरित बचाव अभियान: बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, और आग जैसी आपात स्थितियों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, दुर्घटनाओं में सहायता: सड़क या रेल दुर्घटनाओं और बोरवेल में गिरने जैसी घटनाओं में राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना, आपदा प्रबंधन और राहत वितरण: आपदा के बाद पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा, भोजन और आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाना। साथ ही सीपीआर कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन के बारे बताया यह एक आपातकालीन जीवन रक्षक प्रक्रिया है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन अचानक रुक जाए。 यह प्रक्रिया मस्तिष्क और अन्य अंगों तक रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाती रहती है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सहायता (एम्बुलेंस या डॉक्टर) आने तक व्यक्ति को जीवित रखा जा सके,शिविर मे प्रधानाचार्य सीमा बर्गली , प्रशिक्षु लॉ छात्र, पी एल वी मौजूद रहे।।