कुमाऊँ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा

नैनीताल।कुमाऊँ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ नैनीताल (कूटा) ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत शिष्टाचार भेंट की तथा विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए ज्ञापन दिया । कूटा ने मंत्री जी से आग्रह किया कि कुमाऊं विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों में संविदा तथा अतिथि व्याख्याता वर्षों से कार्यरत हैं । इनमें से कई संविदा प्राध्यापक विगत 5 से 15 वर्षों से कार्यरत है । उच्च शिक्षा में कार्यरत सभी संविदा/अतिथि प्राध्यापकों को नियमित अथवा तदर्थ नियुक्ति प्रदान करने की मांग की। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियम से संविदा प्राध्यपकों का वेतन न्यूनतम 50,000/ प्रतिमाह किया जाय । कूटा ने निवेदन किया कि उत्तराखंड का 65प्रतिशत भाग वनों से आच्छादित ही बावजूद इसके विश्विद्यालयों को छोड़कर राजकीय महाविद्यालयों में वन एवम पर्यावरण विषय नही पढ़ाए जाता है कूटा ने कहा कि राजकीय महाविद्यालयों की भांति कुमाऊँ विश्वविद्यालय,नैनीताल के शोधार्थियोें तथा विद्यार्थियों को लैपटाप/टैबलेट प्रदान करने के भी मांग की। कूटा ने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय में वर्षों से कार्यरत संविदा शिक्षकों के पदों को गतिमान नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर रखा जाए। कूटा ने कुमाऊं यूनिवर्सिटी हेतु एक नए कैम्पस की मांग भी रखी । कुमाऊँ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ नैनीताल (कूटा) की तरफ से प्रो0ललित तिवारी, डाॅ0विजय कुमार , ने मुलाकात कर ज्ञापन दिया।

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