मानसिक दिव्यांग बच्चों के बारे में समाज को जागरूक करने के लिए जनजागरण अभियान भी चलाती है

हल्द्वानी l रोशनी सोसाइटी, हल्द्वानी मानसिक दिव्यांग बच्चों के पेरेंट्स की राष्ट्रीय न्यास पंजीकृत उत्तराखंड की पहली संस्था है जो सन् 2011 से लगातार मानसिक दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास और अधीकारों पर लगातार कार्य करती आ रही है और समय- समय पर मानसिक दिव्यांग बच्चों के बारे में समाज को जागरूक करने के लिए जनजागरण अभियान भी चलाती रहती है ।

इसी क्रम में जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 4 दिसंबर 2024 को मानसिक दिव्यांग बच्चों का उनके पेरेंट्स/प्रैक्टिशनर/एजुकेटर्स के साथ एक वाकेथान (पैदल मार्च) जिसका शीर्षक संचार साहस का है जिसका आयोजन लगातार सातवें वर्ष में भी किया गया । वाकेथान में कुल भाग लेने वाले मानसिक दिव्यांग/पेरेंट्स/एजुकेटर्स/प्रैक्टिशनर की संख्या लगभग 250 थी । मूक बधिर बच्चों की संस्था सेवालय से भी बच्चों ने प्रतिभाग किया।
जे.डी.एम. स्कूल दमुआढूंगा के बच्चों ने समावेशी समाज का हिस्सा बनते हुए प्रतिभाग किया। एम.बी.पी.जी. कालेज से एन.एस.एस. के विद्यार्थियों ने इस वाकेथान में बच्चों को सपोर्ट किया ताकि स्पेशल बच्चे अच्छे से अपनी वाक पूरी कर सकें वाकेथान रोशनी सोसाइटी पुनर्वास केंद्र सुभाष नगर हल्द्वानी से तिकोनिया चौराहे तक एवं वापस रोशनी सोसाइटी पुनर्वास केंद्र सुभाष नगर तक की गई

वाकेथान का समय प्रातः 11 बजे ( 4 दिसंबर 2025)

वाकेथान को शुरु करवाने मुख्य अतिथि
श्री राहुल आर्या जी (सहायक समाज कल्याण अधिकारी) हल्द्वानी।

इस अवसर पर रोशनी की अध्यक्ष श्रीमती शिवानी पाल ने समाज में विशेष बच्चों के बारे में जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया और सचिव गोविंद मेहरा ने बताया कि जब तक हर मानसिक दिव्यांग बच्चे को समाज समान अवसर और समान अधिकार नहीं मिलते तब तक दिव्यांग शब्द का अर्थ अपरिभाषित रहेगा । संस्था की उपाध्यक्ष श्रीमती हेमा परगांई ने बताया आगे भी रोशनी सोसाइटी इस तरह जनजागरण के अभियान चलाती रहेगी।

इस अवसर पर रोशनी सोसाइटी की अध्यक्ष श्रीमती शिवानी पाल, उपाध्यक्ष श्रीमती हेमा परगांई, सचिव गोविंद मेहरा, कैलाश जोशी,ममता धामी, कृष्ण चंद्र जोशी, प्रकाश जोशी , तथा अन्य सभी पेरेंट्स विशेष बच्चों के साथ शामिल रहे।

Advertisement
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad