माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र में मानव अधिकार दिवस मनाया गया

नैनीताल l माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र में मानव अधिकार दिवस के अवसर पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें प्रोफेसर नीता बोरा शर्मा ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। प्रोफेसर शर्मा ने अपने व्याख्यान में कहा कि आज का युवा यदि मानव अधिकारों के प्रति सजग हो जाए, तो समाज से भेदभाव कम होगा और महिलाओं और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मानव अधिकार तभी तक सुरक्षित होंगे, जब हम दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना सीखेंगे। प्रोफेसर शर्मा ने बताया कि 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा को स्वीकार किया था। आज के वैश्विक युग में मानव अधिकार सिर्फ एक सिद्धांत ही नहीं, बल्कि व्यवहार की आवश्यकता है। बढ़ते सामाजिक और आर्थिक असमानता, महिलाओं और बुजुर्गों के विरुद्ध हिंसा, मानव तस्करी, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन अपराध, जलवायु परिवर्तन से प्रभावित लोगों के अधिकार – इन सभी ने मानव अधिकारों की रक्षा को अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। भारत के संविधान में भी मूल अधिकार, डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स तथा विभिन्न कानून मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ किरण तिवारी ने किया। इस अवसर पर एम ए वूमेन स्टडीज के सभी विद्यार्थी, खुशबू आर्या, सत्येंद्र तिवारी, अविनाश जाटव, राकेश और सचिन उपस्थित रहे मानव अधिकार दिवस पर आयोजित इस व्याख्यान में ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों माध्यम से विद्यार्थी शोधार्थी जुड़े रही व








