बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई
नैनीताल । आशा फाउंडेशन द्वारा लगातार चली आ रही मुहिम जिसके अंतर्गत स्कूल और कॉलेज में बालिकाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने के साथ-साथ अपने और अपने परिवार का ध्यान रखना को प्रेरित किया जा रहा है आज इस मुहिम के तहत फाउंडेशन द्वारा शासकीय बालिका इंटर कालेज खुरपा ताल में कार्यक्रम रखा गया।जिसके अंतर्गत बालिकाओं को माहवारी के समय में होने वाली परेशानियों से अवगत कराते हुए उनको कैंसर के प्रति सचेत किया गया। अध्यक्ष आशा शर्मा का कहना है कि किसी भी मुहिम का उद्देश्य युवाओं के बिना अधूरा है।हमें युवाओं को जागरूक करने की ज्यादा जरूरत है। क्योंकि कैंसर जैसी महामारी आजकल युवाओं में भी बहुत देखने को मिल रही है ।इसीलिए आशा फाउंडेशन के द्वारा लगातार गांव गांव में यह कार्य किया जा रहा है परंतु स्कूल और कॉलेज उनके लिए बहुत अहम है। उन्होंने बाजार में मिलने वाली पैड्स से होने वाले पर्यावरण को हानि से अवगत कराते हुए उसके दुष्प्रभाव से भी अवगत करवाया। वैसे भी जागरूकता के अभाव की वजह से लोग इन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं। आज के समय में स्तन कैंसर और बच्चेदानी का कैंसर बहुत उग्र रूप से फैल रहा है। फाउंडेशन के द्वारा अब तक उत्तराखंड के लगभग 45 गांव में यह मुहिम पहुंच चुकी है और लगभग 6 500 महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया जा चुका है जिसके अंतर्गत फाउंडेशन द्वारा reusable पैड्स जो की कपड़े की बनी हुई होती है।उनको लगभग 2 साल तक इस्तेमाल किया जा सकता हैं। इन पैड्स को आसानी से धोकर अच्छी धूप में सुखाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।वैसे भी बाजार में उपलब्ध सैनिटरी पैड्स बहुत लोगों की पहुंच में नहीं है । उनसे इस्तेमाल से पर्यावरण पर बहुत बड़ा दुष्प्रभाव पड़ रहा है इसीलिए अध्यक्ष आशा शर्मा ने यह मुहिम चलाई इन पैड्स के इस्तेमाल से बालिकाओं को हर महीने अपने ऊपर जो भी खर्च करना पड़ता था अब अगले दो से ढाई साल वह आसानी से बेफिक्र होकर अपना महामारी का समय निकाल सकती है। और पर्यावरण को बचाने में अपना अहम योगदान दे सकते हैं। आज इस कार्यक्रम में आज 100 बालिकाओं और शिक्षिकाओं को पैड्स वितरित किए गए। इन पैड्स से बालिकाओं को अगले 2 साल के लिए एक स्वस्थ और सुंदर जीवन दिया गया। आशा जी का कहना है कि आज भी हमारे समाज में स्तन कैंसर और माहवारी जैसे विषय में बात खुलकर नहीं होती है। आज जागरूकता के साथ बच्चियों को खुलकर बातचीत करने की आवश्यकता है।जिसकी वजह से वह अपने पढ़ाई में अच्छे से मन लगा सके। आशा शर्मा ने अंत में प्रभारी प्रधानाचार्य गीता पांडे और शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया।आज उनके साथ फाउंडेशन की तरफ से बच्ची सिंह नेगी , वीरू
श्रीमती रश्मि सारेला, वैशाली, भगवत सिंह रावत, स्कूल अध्यापिका सुमिता आर्य, प्रभा जोशी, आशाजोशी, कृष्णा आर्य , बीना , जयललिता, आदि मौजूद थे। बालिकाओं के चेहरों पर मुस्कान देखकर सभी लोग बहुत खुश थे। बालिकाओं का कहना था कि पहली बार इतनी खुलकर बातचीत हुई है। ।










