डीएसबी परिसर, कुमाऊं यूनिवर्सिटी में फॉरेंसिक साइंस विभाग, कंप्यूटर साइंस विभाग और एस. एम. आर. ऐ. सेंट्रल लाइब्रेरी द्वारा संयुक्त रूप से कार्यशाला का आयोजन किया गया

नैनीताल l डीएसबी परिसर, कुमाऊं यूनिवर्सिटी में फॉरेंसिक साइंस विभाग, कंप्यूटर साइंस विभाग और एस. एम. आर. ऐ. सेंट्रल लाइब्रेरी द्वारा संयुक्त रूप से कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें साइबर सिक्योरिटी और क्राइम इन्वेस्टीगेशन में फॉरेंसिक साइंस के महत्वता को नुक्कड़ नाटक और लेक्चर के माध्यम से दर्शाया गया। कार्यशाला का संचालन प्रोफेसर ललित तिवारी ने किया और वक्ताओं के रूप में डॉ. जगदीश चंद्रा एस. एस. पी. क्राइम एंड ट्रैफिक, नैनीताल, श्री सुमित पांडे सी. ओ. ऑपरेशन रामनगर, नैनीताल, डॉ. अपर्णा शर्मा असिस्टेंट डायरेक्ट, डी एन ए डिवीजन, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी हिमाचल प्रदेश, डॉ. राजेश जामवाल असिस्टेंट डायरेक्ट, केमेस्ट्री एंड टॉक्सिकोलॉजी डिवीजन, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी हिमाचल प्रदेश ने छात्र छात्रों को साइबर क्राइम से बचने और फॉरेंसिक साइंस को बेहतर समझने के लिए व्याख्यान दिए। इसी बीच फॉरेंसिक विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने जागरूकता के लिए क्राइम सीन पर आम जनता की भूमिका जिससे कि सबूतों को बचाया जा सके पर क्राइम सीन बनाकर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ जगदीश चंद्र ने कहा कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने पर बहुत सारी सावधानियां भी रखनी पड़ती है तथा हमें इन पर नजर भी रखनी पड़ती है । सुमित पांडे ने साइबर सिक्योरिटी पर पूर्ण प्रकाश डाला तथा कहा कि वॉयस डुप्लीकेसी से लेकर कई तरीके है जो हमें ठगी का शिकार बना रहे है ऐसे में हम सावधानी से टेक्नोलॉजी का प्रयोग करना चाहिए । कार्य करें कि संयोजक डॉ उमंग सैनी ने सभी का स्वागत किया ।कार्यक्रम में प्रोफेसर संजय पंत, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, डॉ. महेंद्र राणा डीन फैकल्टी ऑफ बायोमेडिकल साइंसेज, प्रोफेसर एच. सी. एस. बिष्ट चीफ प्रॉक्टर, शामिल रहे सभी अतिथियों को शॉल उड़ाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया । दीप प्रज्वलन से प्रारंभ हुए कार्यक्रम में कुलगीत तथा राष्ट्र गान से कार्य क्रम से सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम में प्रॉफ नीलू ,डॉ नवीन पांडे ,डॉ मंडोली ,डॉ राशि मिगलानी ,डॉ नगमा ,डॉ उजमा ,डॉ दीपशिखा जोशी , एस. बी. परिसर प्राध्यापक व बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं शामिल रहे।

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