हर तरफ राख है……रूस यूक्रेन युद्ध की त्रासदी को लेकर रश्मि रंजन एक महिला होने के नाते क्या सोचती हैं और किस तरह एहसास या उदगार उनके मन में आते हैं, जिसे उजागर करने प्रयास कलम के जरिए कर रही हैं, जो बेहद सराहनीय है।

लग रही है बोलियां मानवता शर्मसार है
देखता हूं दूर तलक मैं ढूंढता बस प्यार हूं।

त्रासदी ये आई पर नींव मैंने तो रखी नहीं
आंखों में नीर भर, मैं कम कर रहा पीड़ हूं।।

जब भी किसी देश, प्रांत, समाज को ऐसी किसी विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है तब एक व्यवसाय जो सबसे ज्यादा सक्रिय हो जाता है वह है मानव तस्करी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस ने ट्विटर पर चेताया था, “दरिंदों और मानव तस्करों के लिए यूक्रेन में युद्ध कोई त्रासदी नहीं है। उनके लिए एक मौका है और महिलाएं-बच्चे उनका निशाना हैं।
यूक्रेन और उसके पड़ोसी मुल्क़ो में तस्करी गिरोह तेज़ी से सक्रिय हो गए हैं। युद्ध की आड़ में वो अपने कारोबार को बढ़ाते जा रहे हैं।”
मार्गेरिटी हुसमानोव नाम की एक युवती जो 20 से 25 के बीच थी सीमा पर रहने का फ़ैसला किया क्योंकि वो बाकी शरणार्थियों को गलत हाथों में नहीं जाने देना चाहती थीं।
मार्गेरिटी कहती हैं, “महिलाएं और बच्चे भीषण युद्ध से जूझकर यहाँ आ रहे हैं। इन्हें पोलिश या अंग्रेज़ी नहीं आती है। उन्हें नहीं पता कि यहाँ क्या हो रहा है और वे हर किसी की बात पर भरोसा कर लेते हैं।”
उन्होंने बताया, “जब मैं पहले दिन लोगों की मदद करने पहुँची तो इटली के तीन लोग दिखे। वो सुंदर महिलाओं की तलाश कर रहे थे, जिन्हें देह व्यापार के लिए बेचा जा सके।”
“उन्होंने पुलिस को बुलाया और बाद में पता चला कि वे सही थी। ये कोई बुरा सपना नहीं बल्कि हक़ीकत थी।”

एल्ज़बिएटा जार्मुलस्का, पोलैंड की जानी-मानी महिला आंत्रप्रन्योर (उद्यमी) हैं। जार्मुलस्का ‘वीमेन टेक द व्हील इनिशिएटिव’ की फ़ाउंडर हैं. वो कहती हैं कि उनका मकसद, यूक्रेन के शरणार्थियों को सुरक्षा मुहैया कराना है।
अभी तक जार्मुलस्का ने पोलैंड-यूक्रेन सीमा तक शरणार्थियों को सुरक्षित लाने-ले जाने के लिए 650 पॉलिश महिलाओं की भर्ती की है। वो इन महिलाओं को “अमेज़िग वीमेन” कहती हैं।

इन सब विपरीत परिस्थितियों के बीच भी मैं खुद को ससक्त, सम्पूर्ण और समग्र मानती हूँ। और जब मैं एक स्त्री रूप में सम्पूर्ण हूँ तो यह भी निश्चित है कि हार जाना विकल्प नहीं हो सकता।
फिर भी शेष रह जाता हैं बस राख…. हर तरफ राख है……..

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