नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय, ऑल सेंट्स कॉलेज के प्रेक्षागृह मे क्रिसमस सीज़न के आगमन पर कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों ने प्रभु यीशु के जन्म पर आधारित नाटक का मंचन किया

नैनीताल l साथ ही उन्होने क्रिसमस त्योहार के वास्तविक अर्थ पर भी प्रकाश डाला। उन्होने अपने नाटक के जरिये बताया की क्रिसमस ट्री एक सदाबहार पेड़ है जो जिसका हरा रंग जीवन के उत्साह को व प्रभु यीशु के अनंत प्रेम को दर्शाता। वहीं क्रिसमस के पेड़ पर लगाए जाने वाले तरह तरह के आभूषण ईश्वर के आशीर्वाद का प्रतीक हैं जो की छोटे बड़े चाहे जैसे भी हों जीवन को उसी तरह सुंदर बनाते हैं जैसे ये आभूषण क्रिसमस के पेड़ को। बच्चों ने यह भी बताया की क्रिसमस पर लगाई जाने वाली लाइट उस प्रेम का प्रतीक है जो सभी के दिलों के अंधेरे को दूर कर देती है। क्रिसमस पर हर घर मे लगाई जाने वाली पुष्पांजलि भी प्रभु यीशु के अनश्वर प्रेम को दर्शाती है। बच्चों ने बताया कि प्रभु यीशु के जन्म पर पूरब देश से आने वाले तीन मजूसी नन्हें यीशु के लिए सोना, मुर्र और लोबान उपहार मे लाये थे और क्रिसमस के त्योहार पर एक दूसरे को दिये जाने वाले उपहार इसका प्रतीक हैं। बच्चों ने बताया कि बड़े दिन का त्योहार शांति का भी संदेश लाता है लोगों की सहायता करना और लोगों पर दया करना, एक-दूसरे का मेल करना और प्रभु में विश्‍वास बनाए रखने का और घृणा, संघर्ष, हिंसा एवं युद्ध आदि से दूर रहने का संदेश देता है।

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बच्चो ने क्रिसमस के गीतों पर आधारित सामूहिक गाँ व्ही प्रस्तुत किया ‘जिंगेल बेल’, ‘व्हेन ए चाइल्ड इस बोर्न’, ‘ सांता क्लौस इस कमिंग टू टाउन’, ‘जॉय टु द वर्ल्ड’, ‘वी थ्री किंग्स’ रूडोल्फ द रेड नोज्ड रेंडियर, आदि क्रिसमस कैरोल गाये और एक अनूठा समा बांध दिया।

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कार्यक्रम के अंत मे सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को साल भर के उनके काम के लिए कृतज्ञता प्रकट करते हुए बड़े दिन का तोहफा दिया और बच्चो की प्रस्तुति की सराहना की गई।

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