कुमाऊं विश्वविद्यालय के अपर निदेशक आई कु ए सी प्रॉफ गीता तिवारी ने गुरु घासी दास यूनिवर्सिटी बिलासपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित डेवलेपमेंट ऑफ हर्बल प्रोडक्ट्स फ्रॉम मैरीगोल्ड विषय पर दो दिवसीय आयोजित कार्यशाला में मेडिसिनल एवं एरोमेटिक प्लांट नेचुरल रिसोर्सेज ऑफ बायोएक्टिव कंपाउंड विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया।

नैनीताल l कुमाऊं विश्वविद्यालय के अपर निदेशक आई कु ए सी प्रॉफ गीता तिवारी ने गुरु घासी दास यूनिवर्सिटी बिलासपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित डेवलेपमेंट ऑफ हर्बल प्रोडक्ट्स फ्रॉम मैरीगोल्ड विषय पर दो दिवसीय आयोजित कार्यशाला में मेडिसिनल एवं एरोमेटिक प्लांट नेचुरल रिसोर्सेज ऑफ बायोएक्टिव कंपाउंड विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया। प्रॉफ गीता तिवारी ने कहा कि मेडिसिनल और एरोमेटिक प्लांट से रसायन के शोधन की विधि बताई तथा कहा तुलसी , औरिगनेम ,थाइमस , अदरक , बन हल्दी ,मैरीगोल्ड के रासायनिक गुणों पर्यावरण के पड़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला । डॉ गीता ने एल्टीट्यूड के पड़ते प्रभाव पर कहा कि पौधों को ग्रो करने के लिए ऑप्टिमम कंडीशन बताई । तुलसी पर बात करते हुए प्रॉफ तिवारी ने कहा शेड में ड्राई करने पर बेहतर रसायन कंटेंट तथा एसेंशियल ऑयल कंटेंट मिला । ऑनलाइन व्याख्यान का संचालन प्रॉफ चारु अरोड़ा गुरु घासी दास विश्वविद्यालय ने किया।

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