खैरना प्राथमिक विद्यालय में बड़ा हादसा टला, जर्जर भवन की छत का प्लास्टर गिरा, बच्चे बाल-बाल बचे

नैनीताल l गरमपानी प्राथमिक विद्यालय खैरना में बुधवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब विद्यालय भवन की जर्जर छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त सभी बच्चे प्रार्थना के लिए बाहर जा चुके थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि कुछ पल की भी देरी होती तो मासूम बच्चों की जान पर बन सकती थी। विद्यालय की शिक्षिका हेमा तिवारी ने बताया कि सुबह विद्यालय खोले जाने के बाद बच्चों को प्रार्थना के लिए बाहर निकाला गया था। जैसे ही बच्चे बाहर आए, उसी समय भवन का प्लास्टर गिर गया। वही घटना की सूचना मिलते ही छड़ा-खैरना के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बालम सिंह पिनारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी श्री कैंची धाम की उपजिलाधिकारी मोनिका एवं जिला शिक्षा अधिकारी गोविंद जयसवाल को दी। इसके बाद उपजिलाधिकारी मोनिका स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी विद्यार्थियों को विद्यालय के समीप स्थित संकुल (सीआरसी) कार्यालय में शिफ्ट कराने के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ने बताया कि विद्यालय भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर है और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। साथ ही संबंधित विभागों को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
वही गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय खैरना का भवन लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। हल्की बारिश में भी भवन के भीतर पानी भर जाता है। विद्यालय प्रशासन द्वारा इस समस्या को लेकर कई बार लिखित रूप से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया। हैरानी की बात यह है कि इसी जर्जर भवन के अंदर चुनावी प्रक्रिया भी संपन्न कराई जाती रही है। वर्ष 2023 में राज्य की शिक्षा मंत्री द्वारा विद्यालय का निरीक्षण किया गया था, उस दौरान नए भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा भी की गई थी। इसके बावजूद न तो अब तक भवन निर्माण शुरू हो सका और न ही जर्जर भवन की मरम्मत कराई गई, जिससे बच्चों की जान लगातार खतरे में बनी हुई है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी गोविंद जायसवाल ने बताया कि विद्यालय भवन का ध्वस्तीकरण कर जिला खनन न्यास निधि से नया भवन शीघ्र बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी विद्यार्थियों को अस्थायी रूप से सीआरसी में अध्ययन कराने का प्रस्ताव किया गया है।











