जाङापानी धानाचूली के पास एक प्रदर्शन बाघ के आतंक को लेकर किया
धानाचूली । जाङापानी धानाचूली के पास एक प्रदर्शन ब बाघ के आतंक को लेकर किया गया जिसमें पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरु ने धरना स्थल से प्रदर्शन स्थल से वन विभाग के मुख्य संरक्षक एवं संरक्षक कुमाऊं एवं जिलाधिकारी नैनीताल से दूरभाष पर बात कर मांग की पूरे विद्यालयों को बंद करना समस्या का समाधान नहीं है। सत्ता पक्ष के विधायक और ब्लॉक प्रमुख विद्यालयों को बंद करने में अपनी बहुत बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं जो की चिंता मनन और मंथन का विषय है भाग के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है जिसकी पहल आज पनेरु ने उच्च अधिकारियों से बात कर सुझाव दिए की 5 से 10 किलोमीटर के डरने पढ़ने वाले विद्यालयों के बच्चों को स्कूल जाने के लिए वन विभाग अपनी सुरक्षा में बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का काम करें, अभिभावकों को जागरूक करें, इसके साथ-साथ ही पूरे ग्रामीण क्षेत्रों में जानवरों के चारों की व्यवस्था की जाए तथा प्रत्येक घर में सोलर लाइट लगाई जाए जिससे कि अंधेरे में बाघ से होने वाला खतरा को जनता भांप सके।पनेरु ने जिलाधिकारी नैनीताल मुख्य वन संरक्षण उत्तराखंड से तत्काल वन विभाग के एक्सपर्ट को बुलाकर पूरे जंगल में तैनात करने तथा ग्रामीणों में फैले दहशत के माहौल को दूर करने की मांग की तथा आवश्यकता वाले क्षेत्रों में पिंजरे लगाने को भी कहा जिस पर समस्त उच्च अधिकारियों ने तत्काल मौके पर समस्याओं का निराकरण करने के आदेश अधिकारियों को दिए मौके पर उप जिलाधिकारी धारी अंशुल भट्ट, वन क्षेत्र अधिकारी विजय भट्ट शाहिद तमाम वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे । 2 घंटे के घेराव के बाद उक्त बातों पर सहमति बनने के बाद ही उप जिलाधिकारी धारी वन क्षेत्र अधिकारी ग्रामीणों को समस्याओं को जानने के लिए कुटिया ख़ान की ओर रवाना हुए ।
पनेरु एवं पर्यावरण प्रेमी चन्दन नयाल ने मांग की है कि विद्यालयों को बन्द करने बजाए विद्यालयों के समय को कम करके १० बजे से २ बजे तक किया जाए और कुछ समय तक के लिए प्रार्थना सभा पर रोक लगा दी जाए और पढ़ाई का माहौल बनाया जाए।









