कुमाऊँ विश्वविद्यालय के रसायन विभाग के प्रो. नंदा गोपाल साहू ने लगातार पिछले सात वर्षों से वैश्विक स्तर पर अपनी शोध उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हुए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की “विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिक 2025” सूची में स्थान बनाए रखा है

नैनीताल । कुमाऊँ विश्वविद्यालय के रसायन विभाग के प्रो. नंदा गोपाल साहू ने लगातार पिछले सात वर्षों से वैश्विक स्तर पर अपनी शोध उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हुए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की “विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिक 2025” सूची में स्थान बनाए रखा है। यह प्रतिष्ठित सूची दो प्रकार की रैंकिंग प्रदान करती है—सिंगल-ईयर (2025), जो केवल वर्ष 2025 के शोध प्रभाव को दर्शाती है, और करियर-लॉन्ग (1960-2025), जो पूरे शोध-जीवन के कुल योगदान का सूचक है। 2025 में प्रो. साहू का सिंगल-ईयर रैंक पॉलीमर विज्ञान में 850 और नैनोसाइंस एवं नैनोटेक्नोलॉजी में 914 रहा, जबकि करियर-लॉन्ग रैंक क्रमशः 1986 और 1,854 है। उनके प्रयोगात्मक और सैद्धांतिक अनुसंधान विशेष रूप से पॉलीमर और नैनो सामग्री, ऊर्जा भंडारण प्रणालियाँ, वेस्ट मैनेजमेंट, पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ रसायन प्रक्रियाएँ और उन्नत सामग्रियों के विकास पर केंद्रित हैं। उन्होंने उच्च प्रदर्शन वाले पॉलीमर और नैनो-संरचित सामग्रियों का निर्माण किया है, जो बैटरियों, सुपरकैपेसिटर और अन्य ऊर्जा उपकरणों में उपयोगी हैं। उनके कार्यों ने टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल उपकरणों के विकास में मदद की है, साथ ही पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए नए वैज्ञानिक मार्ग प्रस्तुत किए हैं। उनके कार्य ने न केवल अकादमिक क्षेत्र में बल्कि समाज के लिए भी कई लाभ प्रस्तुत किए हैं—जैसे ऊर्जा-कुशल उपकरण, पर्यावरण अनुकूल सामग्री और नए वैज्ञानिक समाधान जो उद्योग और शिक्षा दोनों में उपयोगी हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार, विज्ञान संकाय के डीन और रसायन विभाग ने प्रो. नंदा गोपाल साहू को हार्दिक बधाई दी और उनके निरंतर उत्कृष्ट शोध प्रयासों की सराहना की। उनकी लगातार सात वर्षों की वैश्विक मान्यता और शोध योगदान कुमाऊँ विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय हैं और पूरे देश के युवा वैज्ञानिकों और छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।











