विश्वविद्यालय कर्मी करेंगे प्रायोगिक परीक्षाओं का बहिष्कार

नैनीताल l कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण न होने पर कुलसचिव से भारी रोष व्यक्त किया है। उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी के अध्यक्ष आनंद रावत के संयुक्त नेतृत्व में शिष्टमंडल ने वर्ष 2023 से विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की एसीपी निर्धारण हेतु बैठक का आयोजन न होने पर कुलसचिव से गहरी आपत्ति जाहिर की वहीं विश्वविद्यालय में प्रयोगशाला कार्मिकों के प्रायोगिक परीक्षा संपादन के देयक जारी न करने हेतु लगातार की जा रही मांग का निस्तारण न करने पर भी रोष व्यक्त किया। वहीं विश्वविद्यालय कार्मिकों के शासन को संदर्भित सेवानियमावली के प्रारूप निर्धारण में संगठन को नजरंदाज करने पर भी रोष व्यक्त किया गया। वहीं कुलसचिव द्वारा लगातार विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का अनावश्यक स्पष्टीकरण मांगने, अनावश्यक आदेश जारी करने, कर्मचारियों के अवकाश रद्द करने की घटनाओं पर घोर आपत्ति की है एवं इस तरह कर्मचारियों के शोषण का प्रबल विरोध करने का निर्णय लिया है। बैठक के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला कार्मिकों के देयक जारी करने पर प्रशासन के नकारात्मक रवैए के चलते संगठन आगामी प्रयोगशाला परीक्षाओं के बहिष्कार पर विचार कर रहा है वहीं कर्मचारियों के लगातार हो रहे शोषण पर संगठन आंदोलन की रणनीति तय करेगा। बैठक में कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के महामंत्री दीपक जोशी, डी एस बी परिसर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गणेश बिष्ट, लाल सिंह बिष्ट हेमंत प्रसाद, गोपाल कपिल भीमताल परिसर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भगवान ध्यानी, प्रशासनिक भवन कर्मचारी संघ के उपसचिव तारा सिंह, उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के पूर्व महामंत्री लक्ष्मण रौतेला, उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के संगठन मंत्री नवल किशोर बिनवाल, हीरा सिंह किरौला शामिल हुए।

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