डी एस बी परिसर में पी एम ऊषा मेरू के अंतर्गत दो दिवसीय लाइफ स्किल कार्यशाला शुरु
नैनीताल l डी एस बी परिसर में पी एम ऊषा मेरू के अंतर्गत दो दिवसीय लाइफ स्किल कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं जीवन कौशलों को सुदृढ़ करना था।कार्यक्रम का शुभारंभ बी डी पांडे चिकित्सालय के पी एम एस डॉ तरुण कुमार टम्टा ने दीप प्रज्वलन से किया । संचालन करते हुए नोडल एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ललित तिवारी ने कहा कि लाइफ स्किल में दस महत्वपूर्ण पॉइंट शामिल होते है तथा व्यक्तित्व विकास एवं कम्युनिकेशन स्किल इसमें शामिल है । डॉ तिवारी ने वक्ताओं का परिचय प्रस्तुत किया । डॉ अमित जोशी ने सभी का स्वागत किया तथा लाइफ स्किल के के बिंदु रखे ।उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया तथा इस प्रकार के कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे आयोजनों को शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।मुख्य अतिथि डॉ तरुण कुमार टम्टा ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में शांत एवं संयमित रहना जरूरी है तथा प्राथमिक उपचार को एक आवश्यक जीवन कौशल के लिए जरूरी है । उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। श्रीव्यक्तित्व विकास पर प्रातः सत्र में मुख्य वक्ता चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट अपर्णा आनंद ने बताया कि व्यक्तित्व व्यक्ति के मूल स्वभाव के साथ-साथ संस्कृति एवं वातावरण से विकसित होता है और प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व अद्वितीय होता है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी व्यक्ति का आभामंडल उसके बोलने से पहले ही बहुत कुछ व्यक्त कर देता है।उन्होंने प्रतिभागियों को अपनी गतिविधियों, प्रतिभाओं, मूल्यों एवं रुचियों के माध्यम से स्वयं को समझने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने विभिन्न व्यक्तित्व गुणों पर चर्चा की तथा आत्मविश्वास, संचार कौशल एवं ज्ञान-वृद्धि को व्यक्तित्व विकास के महत्वपूर्ण अंग बताया।
दूसरा सत्र में अपर्णा आनंद ने प्रभावी सार्वजनिक वक्ता बनने के लिए वक्ता को अपने मौखिक एवं अमौखिक दोनों प्रकार के संचार में आत्मविश्वास होना जरूरी बताया । उन्होंने यह भी बताया कि भाषण की सामग्री अत्यंत महत्वपूर्ण होती है तथा श्रोताओं को भाषण का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने “आंतरिक खेल की अवधारणा समझाते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए पहले मन में जीतना आवश्यक है।पहली गतिविधि में प्रतिभागियों को दिए गए शब्दों के आधार पर एक कहानी बनाने के लिए कहा गया। दूसरी गतिविधि में उन्हें ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचने के लिए कहा गया, जिनके गुण उन्हें प्रेरणादायक लगे।अंत में, यह सत्र उपयोगी ज्ञान एवं प्रेरणा से भरपूर रहा, जिसने प्रतिभागियों को अपने व्यक्तित्व एवं संचार कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। मेरू की कॉर्डिनेटर प्रोफेसर सूची बिष्ट ने मेरू की जानकारी दी तथा कहा कि कौशल विकास राष्ट्रीय शिक्षा नीति का महत्व पूर्ण करता करें है । इस अवसर पर डॉ तरुण टम्टा ,अपर्णा आनंद , प्रोफेसर सुची भी शत को शॉल उड़ाकर ,पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेट कर सम्मानित किया गया । कार्यशाला के दूसरे दिन प्रौढ़ मधु नयाल विभागाध्यक्ष मनोविज्ञान अल्मोड़ा विद्यार्थी को संबोधित करेंगे तथा कुलसचिव डॉ मंद्रवाल प्रमाणपत्र वितरित करेंगे । आज की कार्य शाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थी बॉटनी ,जूलॉजी , आई टेप , कला के विद्यार्थियों ने पर्सनालिटी डेवलपमेंट के गुर सीखे । कार्य शाला में डॉ सुषमा टम्टा ,डॉ नीलू ,डॉ नवीन पांडे ,डॉ हेम जोशी ,डॉ प्रभा पंत , डॉ दिव्या पांगती ,डॉ उजमा ,डॉ संदीप मंडोली , जगमोहन मेहरा , विशाल ,वसुंधरा ,लता ,गोपाल बिष्ट ,कुंदन , संतोष ,मोहित ,लीला , आदि उपस्थित रहे ।









