वन विभाग की ओर से लगाए गए बांस, मेहल, तुन, दाड़िम,घिंघारू काफल के पौंधे फल फूल रहेपौधों को बचाने के लिए तारबाड़ के साथ चारखाल भी बनाए

नैनीताल। वन विभाग की ओर से नलैना पटवाड़ागर क्षेत्र में 10 एक्टेयर में किया गया प्लांटेशन फलफूल रहा है। प्लांटे शन में लगाए गए बांस, मेहल, तुन, दाड़िम,घिंघारू काफल के पौंधे फल फूल रहे। जिससे पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां यहां आ रही हैं। वहीं विभाग लगातार प्लांटेशन को बचाने के लिए सुरक्षा कार्य में जुटा हुआ है।बता दें कि वर्ष 2022 में वन विभाग की ओर से मनोरा रेंज के पटवाडांगर नलैना क्षेत्र की 10 हेक्टेयर भूमि पर प्लांटेशन किया। प्लांटेशन के दौरान विभाग की ओर से बांस, मेहल, तुन, दाड़िम,घिंघारू काफल के पौंधे लगाए गए। पौधों को जानवरों से बचाने के लिए क्षेत्र में तारबाड़ भी किया गया। साथ ही क्षेत्र में बारिश का पानी जमा करने के लिए विभाग की ओर से कई चारखाल भी बनाए गए। वहीं हर साल की वनाअग्नि से प्लांटेशन को बचाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। जिसके चलते पांच साल बाद प्लांटेशन के दौरान लगाए गए पौंधे बड़े हो रहे हैं। वहीं क्षेत्र में पेड़ पौंधों के चलते पक्षियों की कई प्रजातियां जैसे वुडपैकर, तीतर, बटेर, कलीज फीजेंट, फिंच, मैगपाई, हिमालयन बुलबुल, उल्लू, इगल व डब समेत अन्य पक्षी यहां दिखाई दे रहे हैं। जिसको लेकर विभाग की ओर से लगातार क्षेत्र में नजर रखी जा रही है
वन क्षेत्राधिकारी मुकुल शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में प्लांटेशन के बाद लगातार नजर रखी जा रही है। पौंधों के बढ़ने और चारखाल में बारिश के दौरान पानी जमा होने यहां पक्षियों की आवाजाही भी बढ़ रही हैं। जो पर्यावरण के लिए एक अच्छा संदेश है।











