राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विशेष शिविर का छठा दिवस अत्यंत अनुशासित, प्रेरणादायी एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेशों से परिपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

नैनीताल l राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विशेष शिविर का छठा दिवस अत्यंत अनुशासित, प्रेरणादायी एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेशों से परिपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्वयंसेवियों के दिन की शुरुआत प्रातः प्रभात वंदन से हुई। इसके पश्चात स्वयंसेवियों ने योग एवं व्यायाम कर शारीरिक व मानसिक सशक्तता प्राप्त की। ईश वंदना के उपरांत लक्ष्य गीत के सामूहिक गायन के साथ दिन की गतिविधियों का शुभारंभ किया गया।दिन के पूर्वार्द्ध में स्वयंसेवियों द्वारा श्रमदान किया गया, जिसमें सेवा, स्वच्छता और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला। इसके उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र पूरे दिन का मुख्य आकर्षण रहा।
बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात पर्यावरणविद् श्री चंदन सिंह नयाल उपस्थित रहे। श्री नयाल जी पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं सतत विकास के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्होंने स्वयंसेवियों को प्रस्तुति के माध्यम से अपने पर्यावरणीय कार्यों, अभियानों और अनुभवों से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने अपनी विभिन्न उपलब्धियों एवं प्राप्त पुरस्कारों की जानकारी साझा की। उनका संबोधन स्वयंसेवियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा, जिसमें उन्होंने युवाओं से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।सत्र में पर्यावरणविद् श्री यशपाल रावत जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवियों द्वारा किए जा रहे सेवा एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों की प्रशंसा की तथा स्वयंसेवियों के साथ मिलकर वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। वहीं पर्यावरणविद श्रीमती ललिता जलाल ने अपने वर्मी-कम्पोस्ट प्लांट के बारे में जानकारी देते हुए स्वच्छ देश, हरित देश बनाने का संदेश दिया तथा नैनीताल क्षेत्र में किस तरह से कचरा निपटान किया जाता है इस पर भी प्रकाश डाला । मंडलीय समन्वयक ललित मोहन पांडे ने अपने उद्बोधन में स्वयंसेवियों के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा उन्होंने विद्यालय की एनएसएस इकाई के बारे में कहा की विद्यालय निरंतर ही एनएसएस के क्षेत्र में उचाइयो पर पहुंच रहा है साथ ही उन्होंने विद्यालय की एनएसएस उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “विद्यालय को दो बार राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिलना कोई सामान्य बात नहीं है, हमें इस उपलब्धि का सदैव सम्मान करना चाहिए।” उनका वक्तव्य स्वयंसेवियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बना। जिला समन्वयक श्री जगमोहन नेगी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही उन्होंने एनएसएस की गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया ।कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवी सुनैना द्वारा किया गया।
सायंकाल स्वयंसेवियों द्वारा विभिन्न खेलकूद गतिविधियाँ आयोजित की गईं तथा पर्यावरण संरक्षण विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसने जन-जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया। इसके उपरांत भजन संध्या एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।रात्रि में विशेष रूप से कैम्प फायर का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवियों ने नृत्य एवं गायन प्रस्तुत कर वातावरण को उल्लासमय बना दिया। कैम्प फायर के दौरान स्वयंसेवियों में आपसी सौहार्द, उत्साह और एकता की भावना देखने को मिली। इसके पश्चात अनुभव साझा सत्र आयोजित हुआ, जिसमें स्वयंसेवियों ने अपने दिनभर के अनुभव साझा किए। अंत में संकल्प गीत के साथ छठे दिवस का भावपूर्ण समापन हुआ।
पूरे दिन के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बिशन सिंह मेहता, कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती मीनाक्षी बिष्ट, कुमारी निशा बनौला, आलोक भट्ट, उत्केश बोरा एवं श्रीमती दिव्या ढैला उपस्थित रहे तथा निरंतर स्वयंसेवियों का मार्गदर्शन करते रहे।एनएसएस विशेष शिविर का छठा दिवस सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक एकता का सशक्त संदेश देते हुए स्वयंसेवियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनकर उभरा।

यह भी पढ़ें 👉  बियरशिबा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी की छात्रा का जेईई मेंस में शानदार प्रदर्शन

Advertisement
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad