कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के आईटीईपी में अभिविन्यास कार्यक्रम का माननीय कुलपति द्वारा आशीर्वचन देकर किया समापन

नैनीताल l 8 दिवसीय अभिविन्यास, सहप्रेरण कार्यक्रम 28 अगस्त 2025 को संपन्न हुआ, जो कि सत्र 2025–26 के छात्रों के लिए आयोजित किया गया था।पिछले 7 दिनों में ITEP संकाय (faculty) ने भावीशिक्षकों को पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी दी और विस्तार से बताया कि पूरी अनुसूची और पाठ्यक्रम किस प्रकार रहने वाला है। शिक्षकों ने छात्रों को पाठ्यक्रम की आवश्यकता और उसके महत्व के बारे में भी समझाया।ITEP संकाय ने पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों को प्रेरित किया और शिक्षकों ने अपने-अपने विषयों के बारे में छात्रों को जानकारी दी कि यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है और इसे पढ़ने से वे किस प्रकार बुनियादी स्तर से लेकर व्यावहारिक कौशल विकसित कर सकते हैं। छात्रों को यह भी बताया गया कि शिक्षा जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका क्यों निभाती है और यह विद्यार्थियों को उनके भविष्य के अवसरों के प्रति जागरूक कैसे बनाती है। शिक्षकों ने यह भी समझाया कि एक शिक्षक कैसा होना चाहिए, उसके मूल्य (values) क्या होने चाहिए और एक शिक्षक को अपने परिवेश के साथ शीघ्र सामंजस्य करने वाला होना चाहिए। साथ ही शिक्षण पद्धतियों (teaching methods) के बारे में भी बताया कि उन्हें किस प्रकार लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षण विधियों, अकादमिक ज्ञान तथा शैक्षणिक (pedagogical) ज्ञान के एकीकरण (integration) की पद्धति का वर्णन किया।
28 अगस्त 2025 को कार्यक्रम दोपहर 12 बजे प्रारंभ हुआ। अभीविन्यास कार्यक्रम के अंतिम दिन का यह आयोजन कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत और आईटीईपी (ITEP) के डीन प्रो. अतुल जोशी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद कुलगीत और पाँचवें सेमेस्टर (तृतीय वर्ष) के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत-गीत प्रस्तुत किया गया। आगे कार्यक्रम में नए विद्यार्थियों (फ्रेशर्स) ने विभिन्न सांस्कृतिक गीत, नृत्य और गायन प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। सबसे पहले कुमाऊँनी गीत की प्रस्तुति हुई, इसके बाद फ्रेशर्स द्वारा भाषण दिया गया। नए विद्यार्थियों ने कुमाऊँनी गीतों पर और भी सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं। इसके पश्चात् आईटीईपी के डीन प्रो. अतुल जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया और प्रेरित किया कि वे सदैव अपनी जड़ों और अपनी संस्कृति से जुड़े रहें। उन्होंने शिक्षा की आवश्यकता और शिक्षा नीति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे भविष्य के शिक्षक होने के नाते बदलाव लाने का संकल्प लें और सही दिशा में आगे बढ़ें। कार्यक्रम आगे बढ़ाते हुए, तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने दक्षिण भारतीय गीत प्रस्तुत किया। तत्पश्चात्, प्रथम वर्ष के एक छात्र ने अपनी स्वयं की लिखी हुई कविता का पाठ किया। इसके बाद विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो० दीवान सिंह रावत ने विद्यार्थियों के लिए अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत को स्वीकार किया और उन्हें निरंतर ऐसा करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने सफल जीवन के लिए उच्च लक्ष्य बनाएं और उन्हें प्राप्त करने हेतु कठिन मेहनत करें, सफलता स्वयं प्राप्त होगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए जो भी आवश्यक है उसे उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे कार्य करने, अपने माता-पिता को गर्वित करने और संस्था को भी उन पर गर्व महसूस कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कुछ उदाहरण भी दिए जैसे सचिन तेंदुलकर और बीजिंग ओलंपिक के विजेता, तथा चीन के व्यवसायी जैक मा। इसी क्रम में आईटीईपी (ITEP) विभागाध्यक्ष डॉ०अशोक उप्रेती ने कुलपति जी को अपना महत्वपूर्ण समय देने के लिए धन्यवाद किया और संपूर्ण विभाग की ओर से आभार व्यक्त किया। इसके बाद पुनः नवप्रवेशी छात्रों ने भ्रष्टाचार विषय पर एक पोस्टर प्रस्तुत किया और उसके बारे में बताया। उन्होंने भारतभर से भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों को लिया और उस पर संक्षेप में चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन विभाग की प्राध्यापिका डॉ० दीपिका भट्ट और आईटीईपी के विद्यार्थियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर अभिविन्यास कार्यक्रम समिति के संयोजक डॉ० भूपेंद्र सिंह कठायत व सदस्य डॉ० वर्षा पन्त, डॉ० तेज प्रकाश जोशी, डॉ० शाहिद हुसैन व अन्य शिक्षक क्रमश: डॉ०विनीता विश्वकर्मा , डॉ० लक्ष्मण सिंह, डॉ० पुष्पा अधिकारी, डॉ० शिखा रतूड़ी , डॉ० हेमा मेहरा, डॉ० सरोज शर्मा, डॉ० आकांक्षा शैली आदि उपस्थित रहे।