हल्द्वानी लंका दहन देखकर दर्शक हुए रोमांचित

नैनीताल। हल्द्वानी लंका दहन देखकर दर्शक हुए रोमांचित, एसआरआई संस्था द्वारा शीशमहल काठगोदाम में आयोजित महिला रामलीला के आठवें दिन हनुमान जी ने किया लंका दहन, किया अक्षय कुमार का वध।यहां लीला मंचन में दिखाया गया किसमुद्र पार करने से पूर्व हनुमान जी अपनी शक्ति भूल गए थे। तब जामवंत ने उन्हें उनके बल और पराक्रम का स्मरण कराया। इसके उपरांत हनुमान जी आकाश मार्ग से लंका पहुंचे और अशोक वाटिका में माता सीता को खोजकर उन्हें भगवान श्रीराम द्वारा दी गई अंगूठी भेंट की।लंका में हनुमान जी ने रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध किया और पूरी लंका को दहन कर दिया। इसके बाद वे वापस लौटे और भगवान श्रीराम को माता सीता का संदेश सुनाया।लंका दहन और सीता खोज के प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो गए। पंडाल में बैठे कई भक्तों की आंखें नम हो गईं और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं सहित क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।राम की भूमिका में मानसी रावत, लक्ष्मण-अंशिका जीना, हनुमान तनुजा जोशी, सुग्रीव नीलम लोहनी, रावण दीपा कोश्यारी, मेघनाथ मंजू बिष्टअक्षथ कुमार -जामवन्त-भावना पोखरिया थी।इस अवसर पर माननीय सांसद अजय भट्ट जी ने दीप प्रज्ज्वलन कर लीला का विधिवत शुभारंभ करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, रामायण के मूल्यों और बुराई पर अच्छाई की जीत पर जोर दिया। साथ में चेतन सम्मल व मयंक नेगी रहे। उन्होंने एसआरआई संस्था की प्रशंसा करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया।रामलीला की आयोजक व एस आर आई की संस्थाध्यक्ष तनुजा जोशी ने बताया कि महिला उत्थान के लिए महिलाओं की रामलीला में भागीदारी महिला सशक्तिकरण का साक्षात उदाहरण है। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना तथा नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों से जोड़ना है।मंच संचालन-रिम्पी बिष्ट ने किया।इस दौरान रंगकर्मी अनिल घिडियाल, गिरीश चन्द्र तिवारी, मनोज कुमार तिवारी, दिनेश फुलारा, पुष्पा संभल, संगीत निर्देशक मोहन चन्द्र जोशी, महामंत्री कौशलेंद्र भट्ट, कामिनी पाल, इशिका शर्मा, योगिता बनोला, राधा मिश्रा, मीना डंगवाल, सुरेंद्र रौतेला, योगेश भोज, हर्षवर्धन जोशी, मनोज गुणवंत, विकास राठौर, अजय कुमार, केशव दत्त जोशी, समीर शुक्ला, तारा चन्द्र उप्रेती,गौरव जोशी, वरिष्ठ अधिवक्ता मकरंद प्रताप सिंह,एनडी तिवारी, मोहन चन्द्र बलुटिया,मोहन अधिकारी, नारायण दत्त सनवाल, रमेश, आशीष सहित सैंकड़ो लोग उपस्थित थे।











