श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ जारी रहा

भवाली (नैनीताल)! श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के मुख्य यजमान श्रीमती नीलम मेहरा बालम सिंह मेहरा,श्रीमती वसंती मेहरा सगत सिंह मेहरा,तथा आज की कथा के यजमानों में थे श्रीमती गीता मेहरा प्रमोद सिंह मेहरा ,श्रीमती नीमा क्वीरा लवीन सिंह क्वीरा, श्रीमती सुमीता काण्डपाल हरि शंकर काण्डपाल।आज प्रातःकाल आचार्य उप व्यास कैलाश चंद्र पांडे (ब्रह्मा),आचार्य कैलाश चंद्रजोशी,आचार्य नीरज पलड़िया,‌मोहन चन्द कपिल,दीपेश कपिल द्वारा नित्य पूजन भगवती विग्रह
पूजन,गणेश पूजन,पंचांग पूर्वांगादि पूजन ,तथा मन्दिर परिसर में समस्त देवी-देवताओं का विधिवत पूजन अर्चन किया गया। आज की कथा से पूर्व संगीत गायकों आचार्य उमा शंकर कपिल,नीरज सती,आचार्य नीरज ढौंढियाल के द्वारा इस भजन के साथ गायन आरम्भ किया गया -” जनम देने वाले जरा इतना तो बोल रे, कैसे चुकायें हम सांसों का मोल रे…..! भजन- हम कथा सुनाते हैं, राम सकल गुण धाम की, ये रामायण है पुण्य कथा गुण ज्ञान की…. इसके साथ ही सभी श्रृद्धालुओं के द्वारा श्री हनुमान चालीसा के पाठ का गायन किया गया। संगीत गायकों के द्वारा कथा के बीच बीच में अनेक देवी भजनों का गायन किया गया,जिसमें मातृशक्ति द्वारा सभी उपस्थित श्रृद्धालु भक्त जनों के द्वारा भी उन भजनों को कर तल ध्वनि के साथ गया। आज सप्तम दिवस की कथा का शुभारंभ व्यास कैलाश चंद्र सुयाल जी द्वारा मंगलाचरण के साथ किया।व्यास जी ने इस भजन के साथ – “हम तेरे ही गुण गाते हैं, चरणों में शीश नवाते हैं तेरे दरबार में आते हैं…..” समस्त देवी-देवताओं का स्मरण करते हुए मां कालरात्रि को नमन किया। इसके साथ साथ सभी श्रृद्धालुओं को तिलक के महत्व को विस्तार पूर्वक समझाया।मां भगवती के तीनों चरित्रों का बखान करते हुए महा योगमाया,नन्दा देवी,नन्दा राजजात,शाकम्बरी,कोट भ्रामरी आदि देवियों के माहात्म्य को विस्तार पूर्वक समझाया। इसके साथ साथ मां ने किस प्रकार महिषासुर,शुंभ-निशुंभ,चण्ड- मुण्ड, तथा रक्तबीज की सेना का संहार कर इन सभी दैत्यों का वध किया इस कथा के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को कुमाऊंनी जागर धुनों के साथ भी प्रस्तुत किया।
आयोजक व मुख्य यजमान बालम सिंह मेहरा जी के द्वारा कथा में पधारी सभी मातृशक्ति से मांगलिक परिधान पहनकर कथा में आने का विनम्र निवेदन किया।
व्यास जी ने सभी श्रृद्धालुओं को इस बात की भी विशेष जानकारी दी कि जो यजमान,जो व्यक्ति श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन करता है/ कराता है इस कथा के पुण्य से उसकी साथ पीढ़ी पहले की तथा सात पीढ़ियां उसके वंशजों की उन सभी को मुक्ति की प्राप्ति होती हैं।
इस शुभ अवसर पर आज भी भारी संख्या में मातृशक्ति द्वारा इस श्रीमद् देवी भागवत कथा कथा का आनन्द लिया गया। आज कथा में दिनेश आर्य, ज्योति साह, पम्मी तिवारी, श्रीमती हर्षित सुयाल,आरती भगत आदि ने भी कथा का आनन्द लिया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हरि शंकर काण्डपाल,महेश जोशी,मनीष साह,नवीन क्वीरा,आरती भगत तथा अनेक श्रद्धालु भक्तों ने सहयोग प्रदान किया तथा हजारों भक्तों ने प्रसाद प्राप्त किया।‌