महर्षि के नौनिहालों ने गणतंत्र दिवस पर घरों में रहकर दी मनमोहक प्रस्तुति

नैनीताल। 73वें गणतंत्र दिवस पर विभिन्न स्कूलों तथा संस्थानों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालांकि इस बार समारोह को सादगी से संपन्न किया गया, लेकिन आधुनिकीकरण के इस दौर में छात्र छात्राओं ने ऑनलाइन प्रस्तुति देकर मन मोह लिया। महर्षि विद्या मंदिर ताकुला नैनीताल में प्रधानाचार्य पूजा जोशी तथा महर्षि विद्या मंदिर तिरछाखेत भवाली में प्रधानाचार्य साधना जोशी ने ध्वजारोहण किया।नैनीताल की प्रधानाचार्य पूजा जोशी ने छात्रों को ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। जो भारत सरकार और भारतीय नागरिकों की प्रक्रियाओं, शक्तियों, कर्तव्यों, मौलिक अधिकारों और सिद्धांतों को निर्धारित करता है। गणतंत्र दिवस भारतीय संविधान की स्थापना प्रक्रिया को याद दिलाता है।भवाली की प्रधानाचार्य साधना जोशी ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। और 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया। इस दिन भारत के प्रथम राष्‍ट्रपति डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद ने देश को संविधान सौंपा था। उसके बाद से हर साल ये दिन लोगों के लिए बेहद गौरवमयी होता है।इस दौरान स्कूल में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पारंपरिक परिधानों में कई मनमोहक प्रस्तुतियां पेश की कार्यक्रम में स्कूल की शिक्षिकाएं तथा अभिभावक भी ऑनलाइन जुड़े।

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