बालिका शिक्षा: सशक्त समाज की नींव- लक्ष्मी बिष्ट


नैनीताल l शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति तथा राजकीय इंटर कॉलेज डोभालवाला के संयुक्त तत्वावधान में बालिकाओं के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, कार्यक्रम की मुख्यवक्ता श्रीमती लक्ष्मी बिष्ट (उत्तराखंड प्रांत राष्ट्रीय स्वयंसेविका संघ कि मीडिया प्रभारी) का संस्थापक अध्यक्ष स्वामी एस. चंद्रा द्वारा पौधा एवं स्मृतिचिन्ह भेंट कर स्वागत किया, स्वामी चंद्रा ने श्रीमती लक्ष्मी बिष्ट का स्वागत किया तथा उनका परिचय कराया, तत्पश्चात श्रीमती लक्ष्मी बिष्ट ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए बताया “एक पढ़ेगी, तो हजारों को पढ़ाएगी” यह कथन केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज के विकास की असली कुंजी है, बालिका शिक्षा का मतलब सिर्फ स्कूल भेजना नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने और निर्णय लेने की स्वतंत्रता देना है।
आज भी देश के कई हिस्सों में लड़कियों की शिक्षा को कमतर आंका जाता है, शादी की उम्र से पहले पढ़ाई छुड़वा देना, संसाधनों की कमी, मासिक धर्म से जुड़ी शर्म ये सब बड़ी चुनौतियाँ हैं, लेकिन जब एक लड़की पढ़ती है, तो वह सिर्फ अपना नहीं, अपने पूरे परिवार और समुदाय का भविष्य संवारती है।
शिक्षित लड़कियाँ आत्मनिर्भर बनती हैं, बेहतर स्वास्थ्य और रोजगार के फैसले ले सकती हैं, और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देती हैं। समय आ गया है कि समाज मिलकर यह सुनिश्चित करे कि हर बेटी को पढ़ने का, आगे बढ़ने का, और सपने देखने का हक मिले।बालिका शिक्षा सिर्फ व्यक्तिगत अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। एक शिक्षित बेटी, एक सशक्त भारत की नींव है।
प्रधानाचार्य सुरेन्द्र सिंह बिष्ट ने अपने धन्यवाद भाषण में आभार व्यक्त करते हुए कहा छात्र-छात्राओं के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम करने की बहुत आवश्यकता है, भविष्य में भी स्वामी एस. चंद्रा जी के प्रयास उससे आपका सहयोग प्राप्त होता रहेगा स्वामी जी कई वर्षों से हमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं हेतु सहयोग करते आ रहे हैं, इस अवसर पर काफी संख्या में छात्राओं ने लाभ उठाया I

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