हर तरफ राख है……… रूस यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन में विवाह के बाद की जिंदगी,,, रश्मि रंजन की कलम से

जिंदगी आने से पहले सोच से मजबूर है
विषमता की भीड़ में रणभेरी का शोर है।
रुक कहां जाती है, देख दम साधे है खड़ी
आंसू तो है मगर खुशियों का बड़ा जोर है।।
जहां हर तरफ युद्ध की रणभेरी की आवाज गूंजनी शुरू हो चुकी थी किसने सोचा था इन राख के ढेर के नीचे जिन्दगी जीने की उम्मीद पनप रही होगी…..
यूक्रेन और रूस युद्ध के शुरूआत में बड़ी तादाद में भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकाल कर स्वदेश वापस लाया गया था। आपरेशन गंगा के तहत 20 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र सुरक्षित स्वदेश वापस आए उनमें से एक अनुभव भसीन जो काफी वक्त से यूक्रेन में रह रहे थे, उनका अन्ना होरोदेत्स्का नाम की युवती से प्रेम प्रसंग था। मार्च में उनकी शादी होने वाली थी। लेकिन इस बीच युद्ध शुरू हो गया। युद्ध के बीच अन्ना यूक्रेन में तीन दिनों तक बंकर में रहीं, जिसके बाद उन्होंने भारत आने का फैसला किया।
करीब दो हफ्तों तक पोलैंड में रहने के बाद, वहां से उन्हें भारत का वीजा मिला और फिर यहां आई और दोनों विवाह के बंधन में बंधे।
ऐसे और भी कई किस्से सामने आए जिसमें कपल ने शादी करने के बाद देश की रक्षा के लिए सेना की वर्दी पहन ली। राजधावी कीव में शादी के सर्टिफिकेट के साथ उनकी तस्वीर भी काफी वायरल हुई।
यूक्रेन में ही के क्षेत्रीय रक्षा बलों के दो सदस्य लेसिया इवाशेंको और वेलेरी फीलीमोनोव ने
कीव में एक चेकपॉइंट पर शादी कर ली।
इनकी शादी में मेयर ने भी शिरकत
की।
शादी की ऐसी कई तस्वीर सोशल मीडिया पर
खूब वायरल हुई जिसमें आम नागरिकों ने बिना किसी जश्न के बेहद सादे तरीके से शादी की है यूक्रेन में रूस के खिलाफ हथियार उठाए।
एक शादी की ऐसी खबरें आई जिसमें दोनों की शादी यूक्रेन के ओडेसा में एक बम शेल्टर
में हुई, जिसमें उनके कपल के करीबी रिश्तेदार
शामिल हुए।
रूस के हमले का पहला दिन जब आप इस चिंता में हो की देश पर हमला हुआ है और आपको पता ही नहीं कि आगे क्या होने वाला है, चारों तरफ अफरा-तफरी मची है वैसे में शादी की प्लानिंग…… एक कपल ऐसे सामने आए जिन्होंने युद्ध के पहले दिन शादी की एवम देश की रक्षा के लिए पहले दिन राइफल लेकर बिताने का फैसला भी किया।
युद्ध के दौरान ही यूक्रेन के पब्लिक मीडिया सस्पिलने की जनरल इंफॉर्मेशन प्रोड्यूसर एंजेलिना
करियाकिना कीव में पेट्रोलिंग पुलिस के
प्रमुख यूरी जोजुलिया के साथ शादी के बंधन
में बंधी।
युक्रेन सरकार ने कहा, रूस के हमले के बाद से
यूक्रेन में 4000 नई शादियों का पंजीकरण
हुआ। न्याय मंत्रालय ने कहा, ‘करीब
3,973 कप्लस ने युद्ध के दौरान
आधिकारिक तौर पर अपने जुड़ाव को और
मजबूत करने का फैसला किया। रूस के
आक्रमण के बावजूद लोगों ने विश्वास की
भावना और शक्ति में कोई कमी नहीं आई। एक अनोखे जज्बे के साथ ऐसे कपल युद्ध के लिए आगे आए जिन्होंने गर्व से कहा शत्रु का नाश होगा! हम जीतेंगे!’
ऐसी विषम परिस्थिति में जब आप इस बात से अनिभिज्ञ है कि अगले 5 मिनट के अंदर आपके साथ क्या होने वाला है जिंदा होने की संभावना नाम मात्र की है ऐसे में कुछ सुनी सुनाई पंक्तियां सार्थक लगती है कि ‘दुश्मन चाहे कितना भी हमें नष्ट करने और तोड़ने की कोशिश करे, जीवन चलता रहता है।
युद्ध के इस माहौल में जहां प्रेमी युगल विवाह के बंधन में जुड़ कर जीवन में एक नई उम्मीद भरने में लगे थे तो दूसरी एक नया जीवन पैदा हो रहा था युद्ध की शुरुआत के दौरान यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में 4,311 नवजात शिशुओं ने जन्म लिया है।
अब परिस्थिति विकट हो पर जिंदगी जीने की उम्मीद को कौन कम कर सकता है या फिर नए जीवन को आने से कैसे रोका जाए और जब जीवन इतनी उम्मीद लिए आए तो कैसे कहे कि
हर तरफ राख है………








