कार्यक्रम का आयोजन कियागय

नैनीताल l भारतीय भाषा विभाग में आयोजित एक विशेष शैक्षिक कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार एवं उत्तराखंड गौरव सम्मान-2026 से सम्मानित प्रो. दिनेश चंद्र चमोला ‘शैलेष’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शब्द साधना का अवसर हर व्यक्ति को नहीं मिलता, आप सभी अत्यंत भाग्यशाली हैं कि आपको साहित्य का अध्ययन करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों के नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने की प्रसंशा की। अपने वक्तव्य में उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक ‘आत्माराम’ का उदाहरण देते हुए समझाया कि किस प्रकार गुरुजनों के मार्गदर्शन और निरंतर अध्ययन से व्यक्ति ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है। प्रो. चमोला ने साहित्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि साहित्य केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदनाओं और मूल्यों के विकास का सशक्त साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे साहित्य के विद्यार्थी होने पर गर्व करें और अपनी भाषा एवं संस्कृति से गहरा जुड़ाव बनाए रखें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीक्षा मेहरा एवं आभार हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. शिरीष कुमार मौर्य द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रो. चंद्रकला रावत, डॉ . जयश्री भण्डारी, डॉ. शुभा मटियानी, डॉ. शशि पांडे, सुश्री मेधा नैलवाल, डॉ. कंचन आर्या, डॉ. दीक्षा मेहरा तथा विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।












