देहरादून के जीआईसी डोभालवाला देहरादून, उत्तराखण्ड में साइबर क्राइम, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया

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नैनीताल l उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून प्रदीप पंत के निर्देशानुसार शुक्रवार को पराविधिक कार्यकर्ता उमेश्वर सिंह रावत द्वारा जनपद देहरादून के जी०आई०सी०, डोभालवाला, देहरादून, उत्तराखण्ड में साइबर क्राइम, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त शिविर का शुभारम्भ स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा सचिव/वरिष्ठ सिविल जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून हर्ष यादव को बुक्के देकर किया गया। उक्त शिविर में हर्ष यादव, सचिव/ वरिष्ठ सिविल जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के गठन एवं कार्यों, संविधान में वर्णित विभिन्न प्रावधान, मोबाइल का दुरूपयोग, साईबर अपराधों, बालको से संबंधित विषय आदि के सम्बंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को बताया गया कि आजकल बहुत ज्यादा साइबर फ्रॉड हो रहे हैं, इसके लिए हम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। साइबर फ्रॉड के लिए अपराधी ईमेल, मैसेज या वेबसाइट बनाकर ऐसा दिखाने की कोशिश करते हैं कि वो वैध कंपनी या व्यक्ति हैं। लोग इनके झांसे में जाकर अपनी जानकारी लीक कर देते हैं और धोखे के शिकार हो जाते हैं। दुनिया भर में विविध प्रकार के साइबर अपराध दर्ज किए गए हैं, और कुछ उल्लेखनीय उदाहरण ईमेल धोखाधड़ी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, बैंकिंग धोखाधड़ी, रैंसमवेयर हमले, साइबर जासूसी, पहचान की चोरी, क्लिकजैकिंग और स्पाइवेयर हैं। सरकार ने साइबर क्राइम या फ्रॉड की शिकायत करने के लिए एक पोर्टल बनाया है जहां से आप किसी भी तरह के साइबर क्राइम की शिकायत कर सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित उप निरीक्षक साइबर क्राइम से निर्मल भट्ट द्वारा छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी वह ऑनलाइन फ्रॉड से बचने की विस्तृत जानकारी दी तथा सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की नसीहत दी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो तो वह 1930 टोलफ्री नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। अगर आप ऑनलाइन के बजाय हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं तो 1930 पर कॉल कर सकते हैं, ये नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन नंबर है। सही जानकारी होने पर कुछ लोगों के पैसे वापस मिल जाते हैं। इसके अलावा कुछ लोग सोशल मीडिया पर बदनाम होने से भी बच जाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में पराविधिक कार्यकर्ता श्री उमेश्वर सिंह रावत ने छात्र-छात्राओं को यह बताया कि, आजकल छात्र-छात्राएं साइबर क्राइम की विशेष रूप से शिकार हो रही है।
अतः आप सभी को जागरूक रहने तथा सतर्कता बरतने की जरूरत है। यह भी बताया कि यदि कोई साइबर अपराध या ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होता है तो इसकी शिकायत तुरंत साइबर सेल को करें।
उक्त शिविर में विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक श्री अर्जुन सिंह नेगी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के श्री त्रिलोचन जोशी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विद्यालय की लगभग 150 से 200 छात्र -छात्राएं तथा 20 अध्यापक उपस्थित थे।

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