संस्कृति अंक।कुमाऊं अंचल में कोजागर पूर्णिमा के दिन महालक्ष्मी पूजन की ही तरह महालक्ष्मी जी के बाल रूप का पूजन किया जाता है। आलेख – छाया बृजमोहन जोशी ,

नैनीताल। कुमाऊं अंचल में कोजागर पूर्णिमा से हरि बोधिनी एकादशी तक आकाश दीप जलाया जाता है तथा विभिन्न रूपों में महालक्ष्मी‌‌ जी का पूजन किया जाता है।
कोजागर पूर्णिमा के दिन नानि दिवाली अर्थात छोटी दीपावली को ( बाल अवस्था) के रूप में,महा लक्ष्मी पूजन को ठुली दीपावली अर्थात ( यौवन अवस्था) के रूप में, तथा हरि बोधिनी एकादशी बूढ़ी दीपावली अर्थात (वृद्ध अवस्था ) के रूप में महालक्ष्मी जी का विधिवत पूजन अर्चन किया जाता है।
महालक्ष्मी जी कि मूर्ति के दो आयाम तथा आकाश दीप के एक फोटोग्राफ्स को आपके साथ सांझा कर रहा हूं।

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