कुमाऊं विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष में विजिटिंग प्रोफेसर निदेशालय एवम राजनीति विज्ञान विभाग डी.एस.बी परिसर कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन किया गया ।

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नैनीताल l कुमाऊं विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष में विजिटिंग प्रोफेसर निदेशालय एवम राजनीति विज्ञान विभाग डी.एस.बी परिसर कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन किया गया । थॉमसन रिवर यूनिवर्सिटी कनाडा क तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर डॉक्टर रॉबर्ट j हैनलू द्वारा ग्रेट पावर कंपटीशन एंड इंडो पैसिफिक स्ट्रेटेजिक एनवायरनमेंट विषय पर व्याख्यान दिया । 150 से अधिक शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन निदेशक प्रोफेसर ललित तिवारी द्वारा किया गया। डॉ. रॉबर्ट जे हैनलों का स्वागत एवम पूर्ण परिचय विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान प्रोफेसर कल्पना अग्रहरि द्वारा किया गया। प्री हैनलों ने कहा की इंडोपेसिफिक रीजन में भारत ,चीन ,पाकिस्तान ,अफगानिस्तान ,,म्यांमार ,थाईलैंड ,वियतनाम ,फिलिपींस ,मलेशिया ,इंडोनेशिया ,न्यू पपुआगिनी ,,ओमान ,अमन ,सोमालिया ,ऑस्ट्रेलिया शामिल है ।इस रीजन में चीन ग्लोबल पुशर है वहा राष्ट्रीयता ,कंपटीशन नए विकास एवं इंफ्रा स्ट्रक्चर खड़ा किया है ।इस रीजन के तनाव को वोल्फ वॉरियर डिप्लोमेसी कहते है जिससे बहलबाद बड़ा है ।यह रीजन न्यू कोल्ड वॉर रीजन बन गया है।इस रीजन में मल्टीपोलारिटी ,,कंपटीशन से ग्लोबल सिफ्ट बड़ा है ।डॉक्टर हानलों ने कहा की संसाधन एवं व्यापार यह की बड़ी चुनौती है।साझेदारी महत्पूर्ण है किंतु कमजोर साझेदारी हानिकारक है ।चीन नए अंतरिक्ष एवम आर्कटिक में पकड़ मजबूत की है ।आसियान क्वॉड सहोग की कड़ी है । इन देशी को मजबूत नेतृत्व के साथ रियलिस्टिक तथा लिबरल इकोनॉमिक्स पर काम करना होगा ।ली कुआन यू,योशुदा , माओ, पॉल पॉट,नरेंद्र मोदी ,जिंगपिंग इस रीजन के बड़े नेता हुए है । नेता अपने पर्यावरण के हिसाब से काम करते है । बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम बीएमडी एवम थ्रेटन मिसाइल डिफेंस टीएमडी थाड़ सहित 7एंटी मिसाइल सिस्टम है । जापान का स्पेयर एवम शील्ड महत्पूर्ण है ।अमेरिका ,चीन ,रूस ,भारत ,सऊदी अरब ,इंग्लैंड का डिफेंस बजट सर्वाधिक है । रीजन में अमेरिका ,चीन ,फिलिपींस ,ऑस्ट्रेलिया ,जापान के मिलिट्री एवम समुंद्री सैनिक अड्डे है । यह बड़ा रीजन है जहा भूभागी राजनीति से आर्थिक उन्नति हुई है किंतु महत्पूर्ण राजनीतिक निर्णय जरूरी है । जनसंख्या बढ़ने तथा देशी की आपसी दुश्मनी कम करनी होगी तथा पारंपरिक सुरक्षा पर जोर दिया जाना चाहिए ।महत्पूर्ण यह है की सबकी विदेश नीति स्वतंत्र है अतः पावर की राजनीति छोड़ लोगो को विकास का लाभ देना जरूरी है ।पहली बार आयोजित इस विदेशी एक्सपर्ट व्याख्यान में निदेशक डीएसबी परिसर प्रोफेसर नीता बोरा शर्मा, डॉ हृदेश कुमार, डॉ भूमिका प्रसाद ,डॉ रूचि मित्तल,डॉ पंकज सिंह, डॉ मोहित सिंह रौतेला आदि उपस्थित रहे।

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