कृषि वैज्ञानिक डा0 कंचन नैनवाल एवं मुख्य कृषि अधिकारी डा0 वीके सिंह यादव द्वारा संयुक्त रूप से ग्राम ढुगसिंल के तोक बेरीजाला एवं ग्राम खैरोलापंत में धान की फसलों के साथ ही अन्य फसलों का ग्राम में स्थलीय निरीक्षण किया

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नैनीताल l मंगलवार को विज्ञान केन्द्र ज्योलीकोट के कृषि वैज्ञानिक डा0 कंचन नैनवाल एवं मुख्य कृषि अधिकारी डा0 वीके सिंह यादव द्वारा संयुक्त रूप से ग्राम ढुगसिंल के तोक बेरीजाला एवं ग्राम खैरोलापंत में धान की फसलों के साथ ही अन्य फसलों का ग्राम में स्थलीय निरीक्षण किया। किसानों की फसलों का स्थलीय निरीक्षण करने उपरान्त पाया कि किसानों द्वारा धान की फसल के साथ ही अन्य फसलोें मेे कीट की रोकथाम हेतु रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग किया जा रहा है जो स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण के लिए उचित नही है। उन्होंने क्षेत्र के कृषकों को सलाह दी है कि बीज बुवाई से पूर्व संस्तुत रसायनों से शोधित करें तथा रोगरोधी प्रजातियों का प्रयोग करें तथा उर्वरकों का प्रयोग संतुलित मात्रा में करें एवं फसल में कीट रोग नियंत्रण हेतु समेकित कीट प्रबन्धन आईपीएम की पद्धितियों को अपनायें एवं फसल चक्र का प्रयोग करें।
उन्होंने कहा अनावश्यक फसलों पर रसायनों के प्रयोग से पर्यावरण के साथ ही स्वास्थ्य को हानि होती है। इसलिए सभी कृषक कीट नाशक के साथ ही उर्वरक आदि का फसलांे में प्रयोग करने से पूर्व तकनीक का इस्तेमाल अवश्य करें साथ ही खेती की मिट्टी की जांच अवश्य करायें। उन्होंने कहा किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र ज्योलीकोट अथवा मुख्य कृषि अधिकारी नैनीताल से सम्पर्क कर सकते है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान कृषि रक्षा अधिकारी संतोषी, विकास खण्ड प्रभारी ममता जोशी, न्यायपंचायत प्रभारी बंशीधर काण्डपाल आदि मौजूद थे।

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